छोटी पौड़ी गली नंबर दो निवासी एक व्यक्ति बेटी सहित अपने चार मासूम बच्चों को कमरे में बंद कर काम पर चला गया। इनमें से एक बच्चे की करंट लगने से मौत हो गई।
भाई को तड़पता देख बहन ने खिड़की से शोर मचाया तो पड़ोसियाें ने अंदर जाकर देखा। तब तक बच्चे की मौत हो चुकी थी। इसमें सबसे दुखद पहलू यह है कि चार बच्चों में से दो विशेष हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंच कर जांच शुरू कर दी।
प्लंबर पवन कुमार हर रोज कामकाज करने के लिए श्रीगंगानगर जाता था। करीब 10 दिन पूर्व पवन की पत्नी इलाज करवाने फिरोजपुर चली गई।
तब से ही पवन अपने चारों मासूमाें को एक कमरे में बंद करके काम पर चला जाता था। इनमें 7 वर्षीय पंकज, 5 वर्षीय बेटी मानी, 4 वर्षीय रोहित और 3 वर्षीय दीपक शामिल थे। इनमें से रोहित और दीपक विशेष बच्चे हैं।
रोज की भांति बुधवार को भी पवन सब बच्चों को कमरे में बंद करके काम पर चला गया तथा चाबी पड़ोसियों को दे गया। बाद दोपहर किसी प्रकार पंकज ने गलती से करंट वाली तार मुंह में दबा ली जिससे उसके जोरदार करंट लग गया।
भाई को तड़पता देख बहन मानी ने खिड़की से शोर मचाना शुरू किया। काफी देर बाद लोगों ने गेट खोलकर देखा तब तक पंकज की मौत हो चुकी थी।
घटना की सूचना मिलते ही नर सेवा संस्था के प्रधान राजू चराया भी मौके पहुंचे और थाना नंबर दो को मामले की सूचना दी। पुलिस ने बच्चे के शव को सरकारी अस्पताल पहुंचाया। वहीं पवन कुमार भी मौके पर पहुंच गया।
पड़ोसियों ने बताया कि पवन के जाने के बाद यह बच्चे खिड़की से रस्सी आदि लटकाकर लोगों से रोटी पानी आदि मांगते थे। पड़ोसियों के अनुसार पत्नी की बीमारी और दो बच्चों के मंदबुद्धि होने के कारण पवन कुमार भी मानसिक तौर पर परेशान रहता है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।