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मानव तस्करी का हिस्सा तो नहीं बंधुआ बाल मजदूर!

Tue, 01 Sep 2015 09:33 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फिरोजपुर
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सोमवार को धर्मनगरी से रिहा कराए गए दोनों बंधुआ बाल मजदूर कहीं मानव तस्करी का हिस्सा तो नहीं है। पुलिस और समाज सेवी संगठनों ने इस दिशा में जांच पड़ताल करनी शुरू कर दी है।
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शहर की समाज सेवी संस्था नर सेवा नारायण सेवा समिति के सदस्य 24 घंटे दोनों बच्चों की देखरेख कर रहे है।
डीएसपी गुरभेज सिंह, व थाना प्रभारी गुरप्रताप सिंह ने सिविल अस्पताल में दाखिल राहुल व दीपक का हाल चाल जाना और उनसे बातचीत करते हुए यह पता लगाने का प्रयास किया कि कहीं यह मानव तस्करी का हिस्सा तो नहीं है। क्योंकि बिहार और झारखंड जैसे राज्यों से ऐसे बच्चों को मानव तस्करी करके लाया जाता है।

आर्थिक तंगहाली से जूझ रहे माता-पिता अपने बच्चों को कुछ रुपये लेकर  दूसरे लोगों के हवाले कर देते हैं। इनसे बाद में बंधुआ मजदूरी कराई जाती है। पुलिस ने झारखंड के हरोड़ी गांव निवासी आरोपी संतोष कुमार को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ शुरू कर दी है।
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वह झारखंड के गांव असनाथड़ी निवासी 14 वर्षीय दीपक और गांव देगाड़ी निवासी 10 वर्षीय राहुल को बंधक बना उनसे बाल मजदूरी करवाता था।  पुलिस ने कई धाराओं में केस दर्ज किया है।

वहीं जिला बाल सुरक्षा अफसर फाजिल्का राजेश कुमार पीओ फाजिल्का ने भी पड़ताल शुरू कर दी है। फिरोजपुर से चाइल्ड लाइफ संस्था के सदस्य अमनदीप सिंह व मलकीत सिंह, चाइल्ड केयर सेंटर के पदाधिकारी गुरदीप कौर व भुपेंद्रदीप ने भी अस्पताल में पहुंच कर बच्चाें से पूछताछ की।

लेबर इंस्पेक्टर धर्मपाल ने भी बच्चाें बात की। डीएसपी गुरभेज सिंह ने बताया कि पकड़ा गया हलवाई भी झारखंड का ही निवासी है और बच्चों के परिजनों का भी पता लगा लिया गया है, जिन्हाेंने कुछ पैसे लेकर इन्हें संतोष के साथ भेजा था। एसएसपी स्वपन शर्मा ने कहा कि इस मामले में दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 
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