अपने ही ताया के लड़के का खेतों की जमीन को लेकर चल रहे झगड़े में कत्ल करने वाले दो सगे भाइयों को शुक्रवार को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुना दी। साथ ही दोषियों पर 10-10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया। जबकि दो आरोपियों को अदालत पहले ही बरी कर चुकी है, जो दोषियों के लड़के हैं।
सजा पाने वाले सगे भाइयों में गांव लंग निवासी हरमेश सिंह मेशी व राम सरूप दोनों पुत्र तारा सिंह हैं। यह दोनों कत्ल किए गए बुजुर्ग के चाचा के लड़के थे जबकि बरी किए गए आरोपियों में बीर दविंदर सिंह मोनी और जगविंदर सिंह जग्गी निवासी लंग शामिल हैं। केस फाइल के मुताबिक गांव लंग के रहने वाले गुरचरन सिंह (55) का अपने चाचा के लड़कों हरमेश सिंह, राम सरूप के साथ खेतों की जमीन को लेकर विवाद चल रहा था।
इसी विवाद के चलते 10 जून 2014 को दोषियों हरमेश सिंह, राम सरूप ने बाकी दो आरोपियों बीर दविंदर सिंह मोनी, जगविंदर सिंह के साथ मिलकर खेतों में ही गुरचरन सिंह पर हमला करके उसे कत्ल कर दिया था। पुलिस ने जरनैल सिंह की शिकायत सभी चारों आरोपियों के खिलाफ कत्ल का केस दर्ज किया था। जिला एवं सेशन जज एचएस मदान की अदालत ने हरमेश सिंह मेशी व राम सरूप को इस केस में पहले ही दोषी करार दे दिया था। शुक्रवार को अदालत ने दोनों सगे भाइयों को उम्रकैद की सजा सुना दी।