स्पेशल जज एनडीपीएस एक्ट पीएस ग्रेवाल की अदालत ने एक केस के फैसले में नशा तस्करी के दोनों आरोपी बरी कर दिए, जबकि केस के जांच अधिकारी पुलिस मुलाजिम पर गलत केस डालने के दोष तहत 1000 रुपये का जुर्माना कर दिया।
आरोपी पक्ष की तरफ से वकील सिमरनजीत सिंह सग्गू ने बताया कि थाना बख्शीवाला पुलिस ने अक्तूबर 2014 में पुलिस हेडकांस्टेबल अमरीक सिंह और पटियाला में चौकीदारी का काम करने वाले बलवीर सिंह के खिलाफ नशा तस्करी के आरोप में केस दर्ज किया था। आरोप लगे थे कि नाकाबंदी के दौरान थाना बख्शीवाला के एएसआई हंसराज ने उक्त दोनों व्यक्तियों की गाड़ी नाभा के रोहटी पुल पर जब शक के आधार पर रोक कर तलाशी ली, तो उनके पास से एक किलो अफीम बरामद की थी।
एडवोकेट सग्गू ने बताया कि उन्होंने कोर्ट में साबित कर दिया कि साजिश के तहत बलवीर सिंह व अमरीक सिंह को इस केस में फंसाया गया है। मोबाइल टावर लोकेशनों से यह साफ हुआ कि जिस दिन पुलिस दोनों को अफीम के साथ नाभा के रोहटी पुल पर पकड़ने का दावा कर रही है, उस दिन एक पटियाला, तो दूसरा आरोपी संगरूर में था और एएसआई हंसराज खुद सरहिंद रोड पर था। गलत केस डालने के दोष में एएसआई को सजा दी जाए। इन सबूतों के आधार पर अदालत ने 58 एनडीपीएस एक्ट के तहत एएसआई हंसराज पर 1000 रुपये जुर्माना लगा दिया, जबकि नशा तस्करी के आरोप में पकड़े बलवीर सिंह व अमरीक सिंह को बरी कर दिया।