नाबालिग बेटी के कातिल बैंक मैनेजर पिता को मंगलवार को पटियाला की अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
केस फाइल के मुताबिक मालवा ग्रामीण बैंक में मैनेजर यशपाल सिंह के अपनी पत्नी के साथ संबंध ठीक नहीं थे। दोनों अलग-अलग रहते थे।
इसी बीच यशपाल सिंह पटियाला के एक स्कूल में 12वीं क्लास में पढ़ने वाली अपनी 17 साल की बेटी को अपने साथ रखने के लिए घर ले आए। फरवरी 2014 को यशपाल सिंह ने अपने शकी स्वभाव के कारण अपनी बच्ची का ही गला काट कर कत्ल कर दिया।
बाद में मामले को छिपाने के लिए नौकरी पर चले गए। पुलिस को जांच के दौरान पिता यशपाल सिंह के खिलाफ सबूत मिले। इस मामले में संबंधित थाना कोतवाली पुलिस ने पत्नी की शिकायत पर यशपाल सिंह के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था।
आज पटियाला में एडिशनल सेशन जज हरिंदर कौर सिद्धू की अदालत ने बैंक मैनेजर यशपाल सिंह को अपनी ही बेटी का कातिल पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही दोषी को 50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया।