पीपीसीबी ने चाइना डोर के खिलाफ पंजाब भर में की छापेमारी
पटियाला, मलोट, बठिंडा, बरनाला, राजपुरा और कई अन्य शहरों में 100 टीमों ने रेड की
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला।
चाइना डोर के इस्तेमाल से हो रहे हादसों पर नकेल करने के लिए पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत बोर्ड की 100 टीमों ने जिला प्रशासन और म्यूनिसिपल कमेटियों के सहयोग से चाइना डोर जब्त करने के लिए बुधवार को पंजाब भर में पूरे दिन छापेमारी की और बड़े स्तर पर चाइना डोर जब्त की।
पंजाब में चीन की बनी हुई पतंग डोर और मांजा डोर पर पाबंदी है। राष्ट्रीय ग्रीन ट्रिब्यूनल ने ऐसे सारे धागों को बनाने, बेचने, संभालने और पतंग उड़ाने के लिए इस्तेमाल किए जाने पर पाबंदी लगाने के दिशा-निर्देश जारी किए हुए हैं। विभिन्न जिलों में जिला मजिस्ट्रेटों की ओर से इस डोर के बेचने, इस्तेमाल करने पर पूर्ण पाबंदी लगाई है। बावजूद इसके चाइना डोर की बिक्री और इसका इस्तेमाल किया जा रहा है। इस डोर से काफी जानलेवा हादसे भी होते रहते हैं। वातावरण पर भी इस डोर का बुरा असर पड़ता है।
बोर्ड के चेयरमैन काहन सिंह पन्नू ने बताया कि इस डोर के वातावरण पर पड़ रहे विपरीत प्रभावों के कारण पंजाब सरकार के साइंस टेक्नोलाजी और वातावरण विभाग ने वातावरण सुरक्षा एक्ट 1986 तहत नोटिस जारी करके इस डोर पर पाबंदी लगाने के लिए कहा है। चाइना पतंग डोर और मांजा पतंग डोर की बिक्री को रोकने के लिए सारे पंजाब में आज बोर्ड की 100 टीमों की ओर से छापामारी की गई। पटियाला, मलोट, बठिंडा, बरनाला, राजपुरा और कई अन्य शहरों में चाइना डोर जब्त करके मौके पर चालान काटकर जुर्माने किए गए। बोर्ड की टीमों की ओर से पाया गया बहुत सी जगहों पर दुकानदारों ने चाइना डोर बेचनी बंद कर दी हैं, फिर भी कहीं-कहीं कुछ दुकानदारों की ओर से इनकी बिक्री चोरी-छिपे की जा रही है।
चेयरमैन ने बताया कि पतंगबाजी के लिए इस्तेमाल की जाने वाली चाइना डोर कारण इंसान, जानवरों, पक्षियों का जानी नुकसान होने के साथ वातावरण भी प्रदूषित हो रहा है। अपील की कि पतंग उड़ाने के लिए ऐसी किसी भी डोर का इस्तेमाल न किया जाए, बल्कि सूती धागे की बनी डोर के साथ ही पतंग उड़ाए जाएं। साथ ही दुकानदारों को भी अपील की चाइना डोर को बिल्कुल न बेचें। अगर कोई दुकानदार ऐसी डोर स्टाक में रखता या बेचता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।