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नाभा जेल

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नाभा जेल का मुलाजिम ही करता था कैदियों को मोबाइल सप्लाई
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मोबाइल, सिम और अन्य सामान का प्रति कैदी 3000 रुपये लेता था
जेल में व्यापक चेकिंग दौरान कैदियों से मोबाइल मिलने का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। नाभा की मैक्सिमम सिक्योरिटी जेल में कैदियों को जेल का मुलाजिम ही पैसे लेकर मोबाइल, सिम व चार्जर वगैरह सप्लाई कर रहा था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज करके उसे गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को जल्द अदालत में पेश करके उसका रिमांड लिया जाएगा।
नाभा जेल में 23 जनवरी को व्यापक स्तर पर बैरकों व चक्कियों में चेकिंग अभियान चलाया गया था। इस दौरान कैदियों बिक्रमजीत सिंह निवासी मनहोल थाना मुल्लेपुर जिला लुधियाना, मनजिंदर सिंह निवासी पलासी थाना भजरल जिला रोपड़, धरमिंदर सिंह निवासी दसोधा जिला मोगा, वरिंदर सिंह उर्फ रिंकी निवासी सिंघा वाला जिला मोगा, अरविंदर सिंह निवासी पालिया खुर्द जिला एसबीएस नगर, रणजीत सिंह निवासी नौच कैथल हरियाणा, परवेश निवासी मोहल्ला सारी मेरठ यूपी और गुरविंदर सिंह निवासी सिधवां थाना मुल्लेपुर जिला फतेहगढ़ साहिब से 12 मोबाइल फोन, एक डौंगल और चार चार्जर बरामद किए थे। कैदियों के खिलाफ थाना कोतवाली नाभा में केस दर्ज किया गया था।
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एसएसपी मनदीप सिंह सिद्धू ने बताया कि पटियाला पुलिस ने इस मुकदमे में नामजद कैदियों को दो फरवरी को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर गिरफ्तार किया था और इनका तीन दिनों का पुलिस रिमांड हासिल किया था। इस दौरान पूछताछ में इन कैदियों ने माना कि बरामद हुए मोबाइल फोन उनको गुरजंट सिंह निवासी खोख थाना सदर नाभा ने सप्लाई किए थे। जिस पर आरोपी को तुरंत गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी गुरजंट सिंह 22 दिसंबर से 24 दिसंबर 2018 तक पैसको मुलाजिम के तौर पर सिक्योरिटी जेल नाभा में तैनात रहा है। इस पैसको मुलाजिम को इसकी जेल अंदर की गलत गतिविधियों के कारण जेल सुपरिंटेंडेंट ने नौकरी से बर्खास्त कर दिया था। एसएसपी ने बताया कि आरोपी मोबाइल, सिम या फिर चार्जर मुहैया कराने के लिए प्रति कैदी 3000 रुपये वसूल करता था।
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