मांगों को लेकर गुस्साए बेरोजगार लाइनमैनों का आंदोलन जारी रहा। पावरकॉम हेडऑफिस के सामने यूनियन ने धरना दिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
मौके पर चार हजार बेरोजगार लाइनमैनों की पावरकॉम में नियुक्तियों की मांग की गई। उधर राजिंदरा अस्पताल में दाखिल प्रदेश प्रधान पिरमल सिंह की हालत नाजुक है। वह अब भी इलाज नहीं ले रहे हैं। उनकी जगह धरनास्थल पर मरणव्रत पर बैठी रानी देवी का मरणव्रत सोमवार को नौंवा दिन था।
यूनियन के ओहदेदार सोमा सिंह ने कहा कि सरकार को अब बेरोजगार लाइनमैनों की तुरंत सुध लेनी चाहिए और पावरकॉम में उनकी नियुक्तियां करनी चाहिए।
मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने अपने पिछले कार्यकाल के दौरान 22 अगस्त 2010 को पावरकॉम में 5000 लाइनमैन 10 दिन में भरती करने का वादा किया था। पांच साल बीत जाने के बाद भी वादा पूरा नहीं किया गया।
पंजाब सरकार व पावरकॉम की मैनेजमेंट एक तरफ पावरकॉम में 40 हजार के करीब पद भरने की बात कर रही है दूसरी तरफ बेरोजगार लाइनमैन पांच सालों से 4000 लाइनमैनों के नियुक्ति पत्रों की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं।
प्रदेश सरकार बेरोजगार लाइनमैनों को रोजगार देने की बजाय उन पर अत्याचार कर रही है। बेरोजगार लाइनमैनों को ठंड में सड़कों पर भटकना पड़ रहा है।