पटियाला। कोविड मरीजों के इलाज में इस्तेमाल हो रहे टीकों की भारी कमी बरकरार है। अब इसका नोटिस लेते हुए सिविल सर्जन डा. सतिंदर सिंह ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन पटियाला के प्रधान डा. अजात शत्रु और जिले के सभी निजी अस्पतालों के डाक्टरों को पत्र लिखकर इन टीकों के योग्य विकल्प का इस्तेमाल किए जाने की सलाह दी है। साथ ही डीसी कुमार अमित ने लोगों को भी अपील की है कि वह अपने कोविड मरीजों के इलाज के लिए रेमडेसिविर और टोसिलिजुमैब टीकों को हासिल किए जाने की किसी तरह की होड़ में न आएं। बल्कि इलाज के लिए बरते जाने वाले टीकों और दवाओं का चुनाव करने संबंधी फैसला डाक्टरों पर छोड़ा जाए।
डीसी ने प्रमुख सचिव सेहत विभाग पंजाब हुसन लाल के पत्र के हवाले से बताया कि इंजेक्शन टोसिलिजुमैब की इस समय देश में कमी है, इसलिए उसी तरह के असर वाले मार्केट में मौजूद इंजेक्शन इटोलीजुमैब या इंजेक्शन डैक्सामिथासोन का आपातकालीन स्थिति में बहुत ही गंभीर मरीजों के लिए इस्तेमाल करने का सुझाव दिया है।