मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के दो दिवसीय संगत दर्शन के पहले दिन गांव जख्वाली में आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेसी विधायक कुलजीत सिंह नागरा फरियाद लेकर पहुंचे।
इस दौरान उन्होंने कहा कि बादल सॉब तुसीं शहीदां दी धरती श्री फतेहगढ़ साहिब साड्डे हलके च आएं हो, असीं तुआडा वैलकम करदे हां, मैं इक सेवादार दे तौर ते संगत दर्शन च आया हां जी, मैं आप जी तों पुछणा चाऊंना कि तुसीं संगत दर्शन तो पहलां, लोकां द्वारा चुणै गए एमएलए नुं सद्दा पत्र भेजेया कोई, जा फिर तुहाडे किसे अधिकारी ने एमएलए नुं पुछैया कि इलाके दे विकास लई किन्नी ग्रांट दी जरूरत है। इस पर सीएम ने उनसे कहा कि वे उनके निवास पर आकर बात करें।
नागरा ने सीएम से माइक लेकर दो मिनट बोलने का समय मांगा और करीब 10 मिनट तक इलाके की समस्याओं पर बोले। उन्होंने कहा कि अपने चुनावी हलके के गांवों में 5-5 करोड़ रुपयों की ग्रांट बांटी है, लेकिन हमारे हलके के गांवों की बड़ी पंचायतों को 50 लाख और छोटी पंचायतों को 30 लाख रुपये विकास ग्रांट के लिए देकर जाएं। विधानसभा सेशन में फतेहगढ़ साहिब के नए बस स्टैंड बनाने का किया वादा भी पूरा किया जाए, सरहिंद के जीटी रोड पर बनीं हड्डा रोड़ी को शहर से बाहर शिफ्ट किया जाए।
स्कूलों में साइंस और कॉमर्स के टीचरों की कमी पूरी की जाए, पीरजैन स्थित जच्चा-बच्चा अस्पताल जिसका उन्होंने केस जीता था उसका काम पूरा करवाया जाए। जिले की 190 किमी सड़कें पिछले 10 साल से नहीं बनीं, इसके अलावा सभी धर्मशालाओं और शमशानघाटों के लिए 5-5 लाख रुपये देने, अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी पूरी की जाए, जिले में अमन-कानून की स्थिति ठीक की जाए। इसके बाद नागरा ने कहा कि आपको इस इलाके में चार साल पहले संगत दर्शन करना चाहिए था। अब चुनाव नजदीक आते ही लोगों को वो चेक दिए जा रहे हैं, जो दिसंबर में चुनाव आचार संहिता लगने के बाद कैश भी नही होंगे।
इसके बाद अकाली वर्करों ने उनके हाथों से कागज मुख्यमंत्री को सौंपने के लिए खींचे, मगर नागरा ने खुद सभी मांगों को पढ़कर सुनाने के लिए और समय मांगा। इस पर अकाली वर्करों ने उनसे माइक छीन लिया लेकिन नागरा ऊंची आवाज में बोलते रहे।
समारोह से बाहर पत्रकारों से बातचीत में नागरा ने कहा कि ये सरकारी संगत दर्शन न होकर अकाली संगत दर्शन था जिसमें मुख्यमंत्री अपने हारे हुए पूर्व विधायक के हाथों गांवों की पंचायतों को चेक वितरित करवा रहे थे। अब चुनाव में समय कम होने के बाद ये चेक पास ही नहीं होंगे जैसे डिप्टी सीएम के अमलोह संगत दर्शन के चेक क्लियर नहीं हुए। उनसे हलका इंचार्ज के बेटे गुरबिंदर सिंह भट्टी ने माइक छीना था।
वहीं सीएम को मिलने आए कुछ नौजवानों को पुलिस ने अंदर जाने नहीं दिया नौजवान करमजीत सिंह और हरप्रीत ने कहा कि वे बादल साहब को यही कहने आए थे कि हमें आटा-दाल स्कीम नहीं चाहिए हमें रोजगार चाहिए हम पढ़े लिखे हैं, डिग्रियां हमारे पास हैं। कोई सरकार रोजगार के अवसर प्रदान करे।