श्री चमकौर साहिब में खालसा दरबार के दौरान करतब दिखाते निहंग सिंह।
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नेकी पर बदी की जीत का प्रतीक दशहरे को सिख धर्म में खालसा दरबार के रूप में मनाया गया। ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री कतलगढ़ साहिब में श्री अखंड पाठ साहिब के भोग डाले गए। कथावाचकों ने गुरबानी से संगत को निहाल किया।
इस मौके पर सजाए धार्मिक दीवान से श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार सिंह ज्ञानी गुरबचन सिंह ने भ्रूण हत्या, नशे से दूर रहने, जात पात से मुक्त समाज बनाने और सब धर्मों का सत्कार करने का संदेश दिया। शिक्षा मंत्री डा. दलजीत सिंह चीमा और सांसद प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने भी संगतों को इस दिन की बधाई दी और सरकार के विकास कार्यों के बारे भी बताया। दोनों नेताओं ने श्री चमकौर साहिब का विकास करवाने और इलाके की सड़कें को राष्ट्रीय मार्गों के साथ जोड़ने की बात भी कही।
इस मौके पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने नगर कीर्तन भी सजाया। नगर कीर्तन गुरुद्वारा कतलगढ़ साहिब से शुरू होकर अलग-अलग गुरुद्वारों से होता हुआ वापस गुरुद्वारा साहिब आकर समाप्त हुआ। इस दौरान निहंग सिंहों घुड़सवारी, नेजेबाजी और गतका के करतब दिखाए। निहंग सिंह प्रमुख बाबा बलबीर सिंह ने कहा कि मीर मन्नू को मारने के कारण यह दिन सिख कौम के लिए बड़ा महत्व रखता है।