लोकसभा चुनावों में हार के बाद पूर्व केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री परनीत कौर रविवार को समाना की अग्रवाल धर्मशाला में पार्टी वर्करों से मिलने पहुंची। इस अवसर पर परनीत कौर ने पार्टी वर्करों के साथ लोकसभा चुनाव में मिली हार पर मंथन किया।
इस अवसर पर परनीत कौर ने पत्रकारों से बातचीत में समाना और पातड़ां ब्लाक में मनरेगा फंड में हुए करीब पांच करोड़ रुपये के घोटाले को बड़ा घोटाला बताया। उन्होंने क हा कि अकेला बीडीपीओ इतने बड़े घोटाले को अंजाम नही दे सकता, लेकिन पंजाब सरकार ने करोड़ों रुपये के इस मनरेगा फंड घोटाले पर पर्दा डालने के लिए कार्रवाई को बीडीपीओ तक ही सीमित रखा है। उन्होंने कहा कि इस घोटाले की सीबीआई से जांच कराई जानी चाहिए।
पंजाब कांग्रेस के प्रधान प्रताप सिंह बाजवा की तरफ से पार्टी हाई कमान को अपना त्यागपत्र सौंपने के बारे में परनीत कौर ने कहा कि प्रताप सिंह बाजवा को इस स्थिति में त्याग पत्र नहीं देना चाहिए था। बाद में उन्होंने अपनी निजी राय बताते हुए कहा कि पार्टी हाईकमान को बाजवा का त्याग पत्र मंजूर कर लेना चाहिए था।
पंजाब में लोकसभा चुनाव के बाद पटियाला विधानसभा सीट और अन्य सीटों पर उप चुनाव कराए जाने पर पटियाला सीट से चुनाव लड़ने पर उन्होंने कहा कि अगर पार्टी हाईकमान उन्हें टिकट देती है तो वह पटियाला सीट से उप चुनाव लड़ेंगी। उन्होंने कहा पटियाला उनका पैतृक घर है। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पटियाला विधानसभा सीट से विधायक रहते हुए पटियाला का सर्वपक्षीय विकास कराया है।
इसके अलावा उन्होंने खुद पटियाला सीट से तीन बार सांसद रहते अपने क्षेत्र में कई बड़े प्रोजेक्ट केंद्र की तरफ से स्थापित कराने के साथ अन्य विकास कार्य भी कराए। इस अवसर पर पूर्व विधायक जगतार सिंह राजला, जिला प्रधान हरदयाल कंबोज, पूर्व जिला परिषद चेयरपर्सन गुरशरण कौर रंधावा, जसविंदर सिंह रंधावा, यशपाल सिंगला, हीरा जैन, स्वर्ण मठाडू, कुलदीप दीपा, शंकर जिंदल, यादविंदर सिंह, हरदयाल नागी, गोपाल कृष्ण, सुरिंदर आचार्या, चांद वर्मा, मनु शर्मा और कमल शर्मा हाजिर थे।