संगरूर में पत्रकारों से वार्ता करते एफसीआई यूनियन के नेता।
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एफसीआई के मुलाजिम और शेलर मालिक गोदामों में चावल मीलिंग करने को लेकर आमने सामने आ गए हैं। दोनों पक्षों द्वारा एक दूसरे पर आरोप लगाने से यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है।
शेलर एसोसिएशन पंजाब के अध्यक्ष तरसेम सैनी ने प्रशासन को मांग पत्र देते एफसीआई मुलाजिमों तथा अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते कहा था कि एफसीआई के मुलाजिम शेलर मालिकों से गोदामों में चावल मीलिंग करते समय रिश्वत की मांग करते हैं। यदि कोई शेलर मालिक ऐसा करने से इंकार करता है तो एफसीआई के मुलाजिम शेलर मालिकों को धमकाते हैं। उन्होंने इस पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग रखी थी।
शेलर मालिकों द्वारा लगाए गंभीर आरोपों का सख्त नोटिस लेते पत्रकारों से बातचीत करते एफसीआई एग्जीक्यूटिव मुलाजिम जत्थेबंदी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एसएस चट्ठा ने कहा कि सैनी द्वारा एफसीआई मुलाजिमों पर लगाए आरोप सरासर बेबुनियाद हैं। विभिन्न एजेंसियों के चावल मीलिंग के बाद जब एफसीआई के सुपूर्द किए जाते हैं।
यह नियम है कि इस मौके संबंधित एजेंसी का इंस्पेक्टर अपनी मौजूदगी दर्ज करवाए और संबंधित शेलर मालिक को कोई अधिकार नहीं कि वह इस मामले में कोई भी दखलअंदाजी करे। उन्होंने कहा कि शेलर मालिकों की यह कार्रवाईयां बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। उन्होंने कहा कि शेलर मालिकों द्वारा रिश्वत मांगने के लगाए आरोपों में सच्चाई नहीं है।
वह बड़ी से बड़ी जांच का सामना करने को तैयार हैं। आरोप लगाने वाले शेलर मालिक की जायदाद की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। इस मौके पर वरिंदर चौहान प्रदेश सचिव एफसीआई क्वालिटी चैक आर्गेनाइजेशन, मांगे राम जिलाध्यक्ष एफसीआई एग्जीक्यूटिव इंप्लाइज आर्गेनाइजेशन, अमरजीत कुमार अध्यक्ष जिला पटियाला, शिव कुमार जिला सचिव आदि मौजूद थे।