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फर्जी बिलों के सहारे दिल्ली से 60 करोड़ की खरीददारी, कागजों में दौड़ी गाड़ियां, पढ़ें फर्जीवाड़ा

Fri, 23 Aug 2019 05:01 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
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बोगस बिलों के जरिये जीएसटी का करोड़ों का घपला करने वाली फर्म के मालिक को पटियाला में पेश
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आबकारी एवं कर विभाग पंजाब ने करीब 60 करोड़ रुपये के बोगस बिलों के जरिये सरकारी खजाने को 10.8 करोड़ का चूना लगाने वाले एक बड़े जीएसटी बोगस बिल घपले का पर्दाफाश किया है। इस घपले को अंजाम देने वाली खन्नौरी मंडी की एक फर्म के मालिक को भी जीएसटी एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है जिसने लोहे व कबाड़ की जाली ट्रांजेक्शन की। गौरतलब है कि सरकारी खजाने को इस तरह से चूना लगाने वाले की पंजाब में अपनी किस्म की दूसरी गिरफ्तारी है।

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आबकारी एवं कर विभाग की एडिशनल आबकारी व कर कमिश्नर कम डायरेक्टर (इनवेस्टिगेशन) नवदीप कौर भिंडर ने बताया कि आबकारी एवं कर कमिश्नर पंजाब विवेक प्रताप सिंह के दिशा-निर्देश पर विभाग की इंफोर्समेंट टीम ने वीरवार को पुराने ट्रकों को स्क्रैप करके बेचने वाली खन्नौरी मंडी की फर्म गणपति मोटर स्टोर के मालिक सुभाष चंद्र को गिरफ्तार किया है।

यह फर्म ऐसे बोगस बिलों के सहारे टैक्स बचाने के काले कारनामे में लंबे समय से लिप्त थी। विभाग ने फर्म का इस संबंधी 2017 से डाटा इकट्ठा किया है। इस फर्म की ओर से पुराने ट्रकों को खरीद कर इनकी स्क्रैप बनाकर मंडी गोबिंदगढ़ की पांच फर्मों को बेचा जाता था और दिल्ली से माल के बजाय केवल बोगस बिल ही आ रहे थे।

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इस फर्म ने फर्जी बिलों के साथ दिल्ली से 60 करोड़ रुपये की स्क्रैप की खरीद की दिखाई और आगे 10.8 करोड़ रुपये की फर्जी टैक्स क्रेडिट दिखाई। फर्म की ओर से आगे पंजाब के अन्य डीलरों को भी फर्जी क्रेडिट जारी कर दिया जाता था। एडिशनल कमिश्नर पंजाब ने बताया कि लोहे और कबाड़ की जाली व गलत ट्रांजेक्शन की गई थीं।

ई-वे बिल पोर्टल के अनुसार फर्म की ओर से कुल 945 गाड़ियां दिल्ली से खन्नौरी मंडी लोहे और कबाड़ को ट्रांसपोर्ट की दिखाई गईं, जबकि जांच में केवल 67 गाड़ियां ही टोल प्लाजा इरा इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड रोहतक हरियाणा से पास की सामने आईं। इन 67 गाड़ियों की पड़ताल करने पर पता चला कि यह गाड़ियां टोल प्लाजा से पास नहीं हुईं और केवल जाली टोल प्लाजा रसीदें ही जारी की गई थीं।

खन्नौरी मंडी में जीएसटी निल दिखाने वाली अन्य संदिग्ध फर्मों की भी होगी जांच
भिंडर ने बताया कि इस मामले में दिलचस्प तथ्य यह है कि इस फर्म ने ऐसा लोहा स्क्रैप किया दिखाया, जो असल में मोटरसाइकिल व स्कूटर ही थे। इस तरह से फर्म की ओर से गलत इनपुट टैक्स क्रेडिट करके पंजाब राज्य की अन्य फर्मों को पास किया जा रहा था। एडिशनल कमिश्नर ने कहा कि विभाग की ओर से जीएसटी चोरी संबंधी खन्नौरी मंडी की अन्य संदिग्ध फर्मों की भी पड़ताल की जा रही है, जिन्होंने जीएसटी निल भरवाया है।

एडिशनल कमिश्नर ने इस मौके पर बोगस बिलिंग जरिये सरकारी खजाने को चूना लगाने वाले कारोबारियों को चेतावनी दी कि ऐसे तत्वों के साथ भविष्य में सख्ती से निपटा जाएगा। बताया कि इस मामले में आगे की जांच की जा रही है और किसी अन्य आरोपी के सामने आने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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