पटियाला। जिले में कृषि कानूनों को लेकर भाजपा का विरोध तेज हो गया है। सोमवार को जिले के गांव महिमदपुर जट्टां के बस स्टैंड से लेकर गांव के विभिन्न चौक-चौराहों समेत ग्रामीणों ने अपने घरों के बाहर ‘भाजपा नो एंट्री’ के पोस्टर चस्पा कर दिए। गांव निवासी सुरिंदर सिंह ने कहा कि उनका पूरा गांव भारतीय जनता पार्टी और उसके नेताओं का विरोध करता है। कृषि कानूनों के विरोध में किसान कई महीनों से दिल्ली के बार्डरों पर धरने में बैठे हैं। इस दौरान 200 से ज्यादा किसान शहीद हो गए लेकिन केंद्र सरकार ने अब तक इस बारे में चुप्पी साधी हुई है। भविष्य में भाजपा के किसी भी नेता या कार्यकर्ता को गांव में घुसने नहीं दिया जाएगा। सतपाल सिंह ने कहा कि अपने मित्र कारपोरेट घरानों को खुश करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से किसानों पर यह कृषि कानून थोपे जा रहे हैं लेकिन किसान इन कानूनों को लागू नहीं होने देंगे। किसान अब लंबे संघर्ष के लिए तैयार हैं। उनके गांव महिमदपुर जट्टां में किसी भाजपाई को दाखिल नहीं होने देंगे। भाजपा का पूर्ण बायकॉट किया जाएगा।
बड़ी संख्या में किसान और नौजवान दिल्ली बार्डर रवाना
मंगलवार को शहीद भगत सिंह व उनके साथियों का शहीदी दिवस मनाने के लिए सोमवार को पटियाला के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में में किसानों और नौजवानों ने दिल्ली के बॉर्डरों की तरफ बसों में कूच किया। किरती किसान यूनियन के बैनर तले पातड़ां से बसें भरकर सिंघु बॉर्डर के लिए रवाना हुईं। उधर समाना के गांव फतेहपुर से भी किरती किसान यूनियन के बैनर तले बड़ी संख्या में नौजवान दिल्ली बॉर्डर के लिए रवाना हुए।