गांव दूधड़ में 35 म्यूनिसिपल कमेटियों के कूड़ा कर्कट के लिए डंप बनाने खिलाफ चल रहे आंदोलन ने जोर पकड़ लिया है। सोमवार को डंप विरोधी एक्शन कमेटी ने मिनी सचिवालय के बाहर भूख हड़ताल शुरू कर दी।
डंप बनाने गांवों डकाला, त्रैं झंडी, कलरभैनी, दूधड़, जलालखेड़ा, बठोई, खुर्द, बलवेड़ा, ननानसू, देवीनगर, करहाली, सवाजपुर के ग्रामीणों ने एक्शन कमेटी के समर्थन का ऐलान किया।
इस मौके पर भारतीय किसान यूनियन एकता (डकौंदा) के जिला प्रधान डा. दर्शनपाल सिंह ने कहा कि दूधड़ गांव पहले ही शराब फैक्टरी, गत्ता मिलों, पोल्ट्री फार्म और पटियाला से निकलते गंदे नाले, नदी आदि के कारण हवा व पानी के प्रदूषण की समस्या से जूझ रहा है।
ऐसे में अब यहां अगर गंदगी का डंप बन जाएगा, तो लोगों का रहना दूभर हो जाएगा। बीमारियां फैलने का खतरा है, लेकिन प्रशासन है कि लोगों की समस्या को समझ नहीं आ रहा है। इस पर उन्हें मजबूरीवश संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ा है।
उन्होंने हर पार्टी को इस आंदोलन में साथ देने की अपील की। इस मौके पर दर्शन डकाला, भरपूर सिंह डकाला, पाल सिंह, रजिंदर सिंह, महिंदर सिंह श्रृंखलाबद्ध भूख हड़ताल पर बैठे और आंदोलन में हर संभव सहयोग का ऐलान किया।