रोपड़ में तहसीलदार को अपनी मांगों के बारे में बताते प्रदर्शनकारी टीचर।
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बीएड अध्यापक फ्रंट पंजाब ने सोमवार को प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रशासन की ओर से तहसीलदार ने 28 अक्तूबर को शिक्षा मंत्री से मीटिंग कराने का भरोसा देकर प्रदर्शन कराया।
महाराजा रणजीत सिंह बाग में प्रदर्शन के दौरान फ्रंट के राज्य प्रधान हरविंदर सिंह, जनरल सचिव सुरजीत राजा और ज्वाइंट सचिव डा. संत सेवक सिंह सरकारिया ने कहा कि 14000 अध्यापकों की ठेके पर की गई ढाई साल की सर्विस को गिना जाये। ईटीटी अध्यापकों से मास्टर काडर की तरक्की के लिए शिक्षा विभाग ने मई जून में केस मांगे गए थे।
अभी तक इस मामले में कुछ नहीं हुआ। टीचर नेताओं कहा कि सूबा सरकार जानबूझ कर यह प्रमोशन लटका रही है और जल्द ही आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो जाएगी। शिक्षा मंत्री ने मीटिंग के बाद भी मानी हुई मांगों पर अमल नहीं किया।
विशाल मनहास गुरदासपुर, निर्मल पक्खों, विक्की , सुखविंदर नारीके, तलविंदर समाना, हाकम खनोडा, गुरदयाल मान ने कहा कि विभाग में अभी तक एसीपी लागू नहीं की गई है। इन्होंने कहा कि प्राथमिक अध्यापकों का प्रमोशन कोटा 50 फीसदी किया जाए। इस दौरान फ्रंट नेताओं ने शिक्षा मंत्री के नाम तहसीलदार को मांग पत्र दिया। तहसीलदार ने 28 अक्तूबर को तीन बजे यूनियन की शिक्षा मंत्री से मीटिंग कराने का भरोसा देकर प्रदर्शन खत्म कराया।