पराली जलाने के कुल मामलों की गिनती 18 हुई
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। सरकार के एक्शन प्लान के बावजूद पंजाब में लगातार पराली जल रही है। बुधवार को भी पराली जलाने के दो नए मामले सामने आए, जिसके बाद कुल मामलों की संख्या बढ़कर 18 हो गई है। पराली जलाने में अमृतसर जिला टाप पर बना हुआ है। बुधवार को रिपोर्ट हुए दो नए मामलों में से एक अमृतसर से रहा, वहीं दूसरा तरनतारन का था। इस तरह से अमृतसर में पराली जलाने के कुल मामले बढ़कर 15 हो गए हैं। वहीं अगर बीते दो सालों की बात करें, तो आज के ही दिन साल 2022 में पराली जलाने के सात मामले रिपोर्ट हुए थे। जिनमें से पांच जिला अमृतसर से थे और दो तरनतारन के थे। जबकि साल 2023 में आज के ही दिन पराली जलाने का कोई केस रिपोर्ट नहीं हुआ था।
फिलहाल पंजाब के विभिन्न शहरों का एयर क्वालिटी इंडेक्स संतोषजनक है। माहिरों का मानना है कि अगर इसी तरह से पराली जलाने के मामले बढ़ते रहे, तो आने वाले दिनों में हर साल की तरह ही वायु प्रदूषण काफी बढ़ सकता है। गौरतलब है कि पंजाब में जलाई जाने वाली पराली का धुआं दिल्ली के पर्यावरण को भी दूषित करता है। इसका गंभीर नोटिस लेते हुए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने पंजाब सरकार से पराली की समस्या से निपटने को संशोधित एक्शन प्लान मांगा था। जिसे बाद में सरकार ने भेजा भी था, लेकिन यह एक्शन प्लान मात्र औपचारिकता ही साबित हो रहा है। कारण साफ है कि पंजाब में 15 सितंबर से पराली जलने के मामले सामने आने भी शुरू हो गए हैं। पंजाब पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक जिन खेतों में पराली जलाई जा रही है। उनके मालिकों की पहचान करके जुर्माने किए जाएंगे। गौरतलब है कि पंजाब में 15 सितंबर से लेकर 29 नवंबर तक सेेटेलाइट के जरिए पराली जलाए जाने की मॉनिटरिंग की जाती है।