दिल्ली विधानसभा चुनाव में चार में से तीन सीटों पर शिअद की जीत मिलने के बाद उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल के हौसले बुलंद हो गए हैं। उन्होंने रविवार को राजपुरा के पास गांव नलास में थर्मल प्लांट की पहली यूनिट जनता को सौंपने के अवसर पर ऐलान किया कि शिअद का अब अगला सियासी निशाना उत्तर प्रदेश होगा।
उनकी पार्टी यूपी में अगले विधानसभा चुनाव में 40 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े करेगी।उन्होंने नशीले पदार्थों के कारोबारियों को भी पंजाब छोड़ने का अल्टीमेटम दिया।
डिप्टी सीएम ने कहा कि दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनाव में शानदार जीत के बाद अब उनकी पार्टी ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में शानदार जीत हासिल की है। शिअद ने चार में से तीन सीटें जीत ली हैं, जो एक बड़ी उपलब्धि है।
इससे साबित होता है कि शिअद केवल एक क्षेत्रीय पार्टी नहीं बल्कि देश के जिस भी कोने में पंजाबी बसे हैं, उनके दिलों में शिअद और मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के प्रति लगाव है। इसी को देखते हुए अब पार्टी ने यूपी में विधानसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया है।
सुखबीर बादल ने इस मौके पर नशे के कारोबारियों के खिलाफ कड़े तेवर दिखाए। उन्होंने नशों के कारोबारियों को पंजाब छोड़ने की चेतावनी दी। उन्होंने बताया कि पिछले दो साल के दौरान 15 हजार से अधिक नशा तस्करों को जेलों में डाला गया है। नौजवानों से उन्होंने नशा छोड़कर खेलों की तरफ रुझान बढ़ाने की अपील की।
एह न होवे ना तां मैं इत्थे दा रहां ते ना उत्थे दा
भई एह न होवे ना तां मैं इत्थे दा रहां ते न उत्थे दा। मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के मुंह से ये शब्द सुनते ही सभी खिलखिला कर हंस पड़े।
दरअसल जब रैली के बाद एक पत्रकार ने सीएम से सवाल पूछा कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में तीन सीटों पर शिअद की जीत के बाद अब वे क्या राष्ट्रीय राजनीति में जाएंगे। तो मुख्यमंत्री ने अपने चिर परिचित अंदाज में पंजाबी में उक्त जवाब दिया। उन्होंने कहा कि वे पंजाब में ही रहकर यहीं के लोगों की सेवा करते रहेंगे।