सरकार की ग्रीन दिवाली मनाने की अपील रही बेअसर, पटाखों के साथ पराली के धुएं से बढ़ी स्मॉग
2 नवंबर को अमृतसर व लुधियाना देश के सबसे प्रदूषित शहर रहे, वहीं 2023 में दिवाली के दो दिन बाद अमृतसर का एक्यूआई मात्र 169 व लुधियाना का 240 रहा था
पंजाब का 14 नवंबर 2023 को औसतन एक्यूआई 198 था, इसके मुकाबले 2 नवंबर को 269 दर्ज हुआ
रिंपी गुप्ता
पटियाला। पंजाब सरकार की लोगों से ग्रीन दिवाली मनाने की अपील बेअसर साबित हुई है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पंजाब में साल 2023 के मुकाबले इस बार दिवाली के बाद प्रदूषण खतरनाक स्तर पर अधिक पाया गया है। पंजाब के औसतन एक्यूआई के साथ-साथ सूबे के प्रमुख शहरों का एयर क्वालिटी इंडेक्स काफी अधिक दर्ज किया गया है। स्थिति इतनी खराब रही कि 31 अक्तूबर की दिवाली के बाद 2 नवंबर को अमृतसर व लुधियाना देश भर में सबसे प्रदूषित शहर रहे। इस दिन अमृतसर का एक्यूआई 368 और लुधियाना का 339 दर्ज किया गया। जबकि साल 2023 में 12 नवंबर की दिवाली के बाद 14 नवंबर को अमृतसर का एक्यूआई मात्र 169 और लुधियाना का 240 दर्ज किया गया था।
आंकड़ों के मुताबिक 13 नवंबर 2023 को अमृतसर का एक्यूआई 256, वहीं इस बार दिवाली के अगले दिन 1 नवंबर को अमृतसर का एक्यूआई 350 दर्ज किया गया है और यह रेड जोन में रहा है। इसी तरह से खन्ना का एक्यूआई 13 नवंबर 2023 को 264 व 14 नवंबर 2023 को 107 दर्ज किया गया था। इस बार दिवाली के अगले दो दिनों के दौरान 1 नवंबर को खन्ना का एक्यूआई 274 व 2 नवंबर को 198 दर्ज किया गया। मंडी गोबिंदगढ़ का 13 नवंबर 2023 को एक्यूआई 241 व 14 नवंबर 2023 को 195 दर्ज किया गया था।
इस साल मंडी गोबिंदगढ़ का एक्यूआई दिवाली के बाद 1 नवंबर को 297 व 2 नवंबर को 203 दर्ज किया गया। जालंधर का एक्यूआई 14 नवंबर 2023 को 231 रहा, जबकि इस बार दिवाली के दो दिन बाद 2 नवंबर को जालंधर का एक्यूआई 264 दर्ज किया गया। हालांकि जालंधर के दिवाली के अगले दिन के एक्यूआई में बीते साल के मुकाबले सुधार देखा गया। 13 नवंबर 2023 को जालंधर का एक्यूआई 291 रहा था और इस बार 1 नवंबर को एक्यूआई 222 रहा है। इसी तरह पटियाला के एक्यूआई में साल 2023 के मुकाबले इस बार दिवाली के अगले दो दिन सुधार दर्ज किया गया है।
पंजाब का औसतन एक्यूआई 14 नवंबर 2023 को 198 रहा था। इस बार 31 अक्तूबर की दिवाली के बाद दो नवंबर को औसतन एक्यूआई 269 दर्ज किया गया है। 13 नवंबर 2023 को पंजाब का औसतन एक्यूआई 272 रहा था, इसके मुकाबले इस बार दिवाली के अगले दिन 1 नवंबर को एक्यूआई 265 रहा है। इस तरह से दिवाली के अगले दिन के एक्यूआई में कुछ सुधार रहा है।
पीपीसीबी के चेयरमैन आदर्श पाल विग का कहना है कि दिवाली पर हर साल प्रदूषण का बढ़ना एक आम चलन है। उन्होंने माना कि पंजाब के प्रमुख शहरों का एक्यूआई इस बार बीते साल के मुकाबले अधिक रहा है। कुछेक के एक्यूआई में सुधार भी देखा गया है। चेयरमैन ने कहा कि बोर्ड की तरफ से अपील जारी करके लोगों को केवल ग्रीन पटाखे चलाने की अपील की गई थी। उम्मीद है कि आने वाले समय में लोग पटाखे चलाने से वातावरण को होने वाले नुकसान को समझेंगे और इससे तौबा करेंगे।