-सोमवार को 13 नए मामले सामने आए, सबसे अधिक पांच केस फिरोजपुर से
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। पंजाब में प्रदूषण से फिलहाल राहत नहीं है। सोमवार को पंजाब के चार शहरों का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) खराब श्रेणी में रहा। इनमें पटियाला का एक्यूआई सबसे अधिक 207, जालंधर का 204, खन्ना का 202 और मंडी गोबिंदगढ़ का 201 दर्ज किया गया। वहीं अमृतसर का एक्यूआई 188 और लुधियाना का 184 दर्ज किया गया, जो येलो जोन में रहा। लगातार पंजाब के शहरों का एक्यूआई खराब व बेहद खराब श्रेणी में रहने के कारण लोगों की सांसों पर मुसीबत बनी हुई है। पंजाब में इस सीजन के दौरान 15 सितंबर से लेकर अब तक पराली जलाने के कुल मामलों की गिनती 4145 पहुंच गई है। हालांकि सोमवार को पंजाब में कम पराली जली। केवल 13 मामले ही सामने आए, जिनमें से सबसे अधिक पांच मामले जिला फिरोजपुर से रहे। इसके अलावा बठिंडा व पटियाला से दो-दो मामले, संगरूर से तीन मामले और फरीदकोट से पराली जलाने का एक मामला सामने आया।
15 सितंबर से लेकर अब तक पराली जलाने में अमृतसर जिला 600 मामलों के साथ सबसे आगे है। इसके बाद तरनतारन में पराली जलाने के कुल 563, संगरूर में 552, फिरोजपुर में 497, पटियाला में 391, कपूरथला में 223, मानसा में 204, फतेहगढ़ साहिब में 161, बठिंडा में 154, गुरदासपुर में भी 154, मोगा में 124, फरीदकोट में 81, जालंधर में 66, मालेरकोटला में 55, बरनाला में 53, मुक्तसर में 42, एसएएस नगर में पराली जलाने के 37 मामले सामने आ चुके हैं। पीपीसीबी के चेयरमैन आदर्श पाल विग के मुताबिक पराली जलाने के मामले पिछले साल के मुकाबले इस बार कम रहे हैं। आने वाले सालों में पराली जलाने पर पूरी तरह से रोक लग सके, इसके लिए प्रयास जारी हैं।