अभि वर्मा के कातिलों को 25 अक्तूबर को पटियाला जेल में दी जाने वाली फांसी अभी कुछ दिनों के लिए टल गई है। इसके साथ जेल प्रशासन समेत दोनों कातिलों को कुछ राहत मिली है। वैसे चाहे जेल प्रशासन ने फांसी देने संबंधी पूरी तैयारियां कर ली थीं और यूपी से पवन नाम का जल्लाद भी कुछ पहले ही यहां पहुंच गया था। उधर, राजिंदरा अस्पताल से उच्चस्तरीय डाक्टरों की टीम कातिलों की मेडिकल जांच लगातार करके निगरानी रख रही है।
गौरतलब है कि फिरौती के लिए फरवरी 2005 में अभि वर्मा के हुए कत्ल के बाद आरोपियों जसबीर सिंह व विक्रम सिंह विक्की को होशियारपुर की अदालत की ओर से 2006 दौरान सजा-ए-मौत सुनाई गई थी। जसबीर सिंह की पत्नी सोनिया को भी फांसी की सजा हुई थी, लेकिन वह बाद में उम्रकैद में तबदील हो गई थी।
25 अक्तूबर को लगाई जाने वाले फांसी की सजा को टालने के लिए दोनों कातिलों जसबीर सिंह व विक्रम सिंह विक्की की ओर से हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट में आखिरी प्रयास के तौर पर दायर की गई पिटीशनों पर सोमवार बाद दोपहर फैसला आना था।
जानकारी के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने इनकी पहले खारिज हुई अपील पर सुनवाई करनी या नहीं, इस बारे में फैसला आरक्षित रख लिया है। इस तरह इस फांसी पर लगी रोक बरकरार रहेगी। इसी दौरान पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने भी इस बाबत सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मद्देनजर सुनवाई तीन नवंबर तक आगे डाल दी है।
इससे पहले हाईकोर्ट की ओर से मांगे गए जवाब के मद्देनजर जेल सुपरिंटेंडेंट भुपिंदरजीत सिंह विर्क ने अपना जवाब दायर कर दिया था। वह आज भी हाईकोर्ट में सुनवाई दौरान मौजूद रहे।