पटियाला। सरकारी मेडिकल कॉलेज के एक सहायक प्रोफेसर की ओर से क्लास में एक स्टूडेंट को जाति सूचक शब्द बोलने के मामले में शुक्रवार को नेशनल कमीशन फॉर शेड्यूल कास्ट ने पुलिस को पर्चा दर्ज करने की हिदायतें जारी कर दीं। आयोग के वाइस चेयरमैन डॉ. राजकुमार वेरका शुक्रवार को पटियाला पहुंचे और उन्होंने खुद स्टूडेंट्स से बात की।
नौ अप्रैल को मेडिकल कॉलेज में नेत्र रोग विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. हरसिमरन सिंह ने स्टूडेंट अमोलप्रीत सिंह को जाति सूचक शब्द बोले थे। बाद में इस मामले में स्टूडेंट के अभिभावकों समेत बड़ी गिनती में मेडिकल स्टूडेंट्स ने नेशनल कमीशन फार शेड्यूल कास्ट के पास शिकायत कर दी थी। जिस पर आयोग ने मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. केडी सिंह को पत्र लिखकर इस मामले की जांच को कमेटी गठित करने को कहा था। सुबह करीब 10 बजे आयोग के वाइस चेयरमैन डॉ. वेरका सरकारी मेडिकल कॉलेज पहुंचे। इस मौके पर उनके साथ प्रिंसिपल डॉ. केडी सिंह और एसएसपी गुरप्रीत सिंह गिल मौजूद थे। आयोग के मीडिया एडवाइजर विकास दत्त ने बताया कि डॉ. वेरका ने विभिन्न मेडिकल स्टूडेंट्स के उक्त मामले को लेकर बयान दर्ज किए। उन्होंने पीड़ित स्टूडेंट से बात की। इस मौके पर मामले की जांच को गठित कमेटी ने अपनी रिपोर्ट डॉ. वेरका को सौंपी। जिसमें डॉ. हरसिमरन सिंह को आरोपी ठहराया गया था। डॉ. वेरका ने इस जांच रिपोर्ट के आधार पर एसएसपी को खुद भी मामले की जांच के बाद जल्द से जल्द सहायक प्रोफेसर के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा।