पटियाला। मांगों को लेकर सरकार और मैनेजमेंट के अडियल रवैये से नाराज पीआरटीसी के हड़ताली ठेका मुलाजिमों ने मंगलवार दोपहर को बस स्टैंड के मेन गेट का घेराव करके प्रदर्शन किया। इस दौरान करीब ढाई घंटे तक बसों की आवाजाही बंद रही, इससे यात्री परेशान रहे। धरने के चलते पटियाला-राजपुरा रोड पर दूर-दूर तक वाहनों की लंबी कतारें लगने से ट्रैफिक जाम हो गया। बाद में प्रशासन के आश्वासन पर ठेका मुलाजिमों ने धरना समाप्त किया।
ठेकेदारों से मुक्त कराके पीआरटीसी मैनेजमेंट से खुद अपने ठेके पर लेकर जल्द से जल्द रेगुलर करने की मांग को लेकर कारपोरेशन के करीब 1400 ठेका मुलाजिम सोमवार से हड़ताल पर हैं। मंगलवार को भी इनकी हड़ताल जारी रही। मंगलवार को पंजाब भर से ठेका मुलाजिम पटियाला में जुटे और दोपहर करीब 12 बजे बस स्टैंड के मेन गेट का घेराव करके प्रदर्शन किया। इस मौके पर पीआरटीसी वर्कर्स यूनियन आजाद के सूबा महासचिव रूपिंदर सिंह ने मांग की कि पीआरटीसी मैनेजमेंट की ओर से ठेका मुलाजिमों के वेतन से हो रही गैरकानूनी कटौतियां बंद की जाएं और सभी को रेगुलर किया जाए।
धरने के चलते पटियाला-राजपुरा रोड पर दूर-दूर तक वाहनों की लंबी कतारें लगी थीं। सूचना पाकर दो बजे के करीब एसडीएम गुरपाल सिंह चाहल और पीआरटीसी मैनेजमेंट की तरफ से जनरल मैनेजर सुरिंदर सिंह और आर एस औलख पहुंचे। इन्होंने ठेका मुलाजिमों के शिष्टमंडल की 26 नवंबर को एमडी डीपीएस खरबंदा से मांगों को लेकर बैठक कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद धरना समाप्त किया गया। धरने में हरविंदर सिंह, रामदास जस्सल आदि ने भी भाग लिया।
उधर, पीआरटीसी एम डी डीपीएस खरबंदा ने दावा किया है कि हड़ताल का ज्यादा असर नहीं रहा है, ज्यादातर बसें चली हैं। तीन-चार डिपो पर हड़ताल का ज्यादा असर रहा है।