बठिंडा प्लांट के कर्मियों का पक्का धरना समाप्त
पावरकाम और बठिंडा प्लांट कोआर्डिनेशन कमेटी में समझौता
पैसको जरिये नियुक्त किए जाएंगे बठिंडा प्लांट से सरप्लस सभी 635 मुलाजिम
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला।
बठिंडा थर्मल प्लांट के बाहर प्लांट के कर्मचारियों का पिछले तीन महीनों से लगातार चल रहा पक्का धरना शुक्रवार को समाप्त हो गया। पटियाला में शुक्रवार को पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड (पावरकाम) मैनेजमेंट और बठिंडा प्लांट कोआर्डिनेशन कमेटी के बीच समझौता हो गया। इसके तहत बठिंडा प्लांट बंद करने से जिन 635 ठेका मुलाजिमों पर नौकरी से निकाले जाने की तलवार लटक रही थी, उन्हें परमानेंट स्ट्रक्चर्ड कारपोरेशन (पैसको) जरिये नियुक्त किया जाएगा। साथ ही उन्हें बठिंडा व इसके आसपास ही प्लांटों व पावरकाम के दफ्तरों में नियुक्त किया जाएगा।
समझौता के दौरान डायरेक्टर वित्तीय एससी अरोड़ा, डायरेक्टर प्रबंधकीय आरपी पांडव की हाजिरी मौजूद रहे। पावरकाम की ओर से जारी बयान के मुताबिक समझौते अनुसार बठिंडा थर्मल प्लांट के 635 मुलाजिमों को पैसको के जरिये पावरकाम के बठिंडा नजदीक पड़ते लहरां मोहब्बत, तलवंडी साबो थर्मल प्लांटों और मुख्य इंजीनियर पश्चिम जोन बठिंडा के दफ्तर में ही तैनात कर दिया जाएगा। उनका ओहदा और तनख्वाह व भत्ते पहले की तरह ही रहेंगे।
समझौते में यह भी साफ किया गया है कि बठिंडा प्लांट के यह मुलाजिम पावरकाम में रेगुलर होने या फिर पावरकाम की ओर से ठेके पर रखे जाने के हकदार नहीं होंगे। लेकिन फिर भी पंजाब सरकार की ओर से पास किया गया पंजाब एडहाक कांट्रैक्चुअल डेलीवयेज, टैंपरेरी, वर्कचार्ज और आउटसोर्स इंप्लाइज वेलफेयर एक्ट 2016, जिसे पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चैलेंज किया हुआ है। इस संबंधी कोर्ट की ओर से जो भी फैसला किया जाएगा, वह दोनों पक्षों को मंजूर होगा। सभी मुलाजिमों को पैसको के जरिये नियुक्ति पत्र 22 अप्रैल से पहले जारी कर दिए जाएंगे और इन कर्मचारियों से ज्यादा से ज्यादा भरती आयु सीमा 60 साल होगी। समझौते पर दोनों पक्षों की ओर से हस्ताक्षर किए गए।