‘धान सीजन के लिए सरप्लस पावर, नहीं लगेंगे कट’
सीएमडी का दावा, किसानों को दी जाएगी 8 घंटे निर्विघ्न बिजली सप्लाई
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला।
पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड के सीएमडी ए वेणु प्रसाद ने दावा किया है कि साल 2017-18 के धान सीजन के लिए पावरकाम के पास सरप्लस बिजली है। इस सीजन में बिजली की पीक डिमांड करीब 12 हजार मेगावाट रहने की संभावना है। वहीं कारपोरेशन की मौजूदा बिजली सप्लाई क्षमता 13591.67 मेगावाट है। जो पीक डिमांड को पूरा करने के लिए काफी होगी।
शुक्रवार को यहां जारी बयान में सीएमडी ने कहा कि पावरकॉम के अपने थर्मल प्लांट रोपड़, लहरां मोहब्बत, बठिंडा और हाइडल प्रोजेक्ट शानन पावर हाउस जोगिंदर नगर, यूबीडीसी मलिकपुर, मुकेरियां हाइडल प्रोजेक्ट तलवाडा, आनंदपुर साहिब हाइडल प्रोजेक्ट और आरएसडी शाहपुर कंडी शामिल हैं। इसके अलावा बीबीएमबी प्राइवेेट पावर प्लांट, सोलर प्लांट, बायोमास और सेंट्रल सेक्टर से भी बिजली उपलब्ध है। डैहर, पौंग और रणजीत सागर डैम का वाटर लेबल इस साल पिछले साल की तुलना में बेहतर है। केवल भाखड़ा का जल स्तर बीते साल की तुलना में कम है।
उन्होंने कहा कि साल 2017-18 के दौरान 5 हाइडल प्रोजेक्टों में से तीन की पैदावार बीते साल की तुलना में बढ़ी है। यूबीडीसी मलिकपुर की पैदावार 39.465 लाख यूनिट से बढ़कर 55.94 लाख यूनिट हो गई है। इस तरह से शानन पावर हाउस और आरएसडी शाहपुर कंडी की पैदावार 96.80 लाख यूनिट से बढ़कर 132.567 लाख यूनिट और 147.64 लाख यूनिट से 275.63 लाख यूनिट हो गई है। सीएमडी ने बताया कि तलवंडी साबो थर्मल प्लांट के 660 मेगावाट के दो यूनिट, जो आग लगने से बंद थे, वह दोनों दोबारा चालू हो गए हैं। बीते दिनों अंधेरी चलने से 66 केवी लाइन के टावर गिर गए थे। इससे बिजली सप्लाई बाधित हुई थी। लेकिन अब इसे फिर से ठीक कर दिया गया है। सीएमडी ने भरोसा दिलाया कि धान सीजन में किसानों को 8 घंटे बिजली बिना किसी बाधा के दी जाएगी। साथ ही किसी भी तरह के उपभोक्ता पर कोई बिजली कट नहीं लगेगा।