पटियाला में डायरिया फैलने के बाद चेता नगर निगम
195 में से 25 पानी के सैंपल फेल, प्रभावित इलाकों में टूटी सप्लाई पाइपों की मरम्मत कराई सीवरेज में गोबर व अन्य वेस्ट फेंक रहे 71 डेयरी मालिकों के काटे चालान
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। पटियाला शहर की कईं कालोनियों, गांव झिल व पातड़ां में डायरिया फैलने के बाद नगर निगम चेता है। आंकड़ों के मुताबिक निगम की ओर से 34 गैरकानूनी पानी के कनेक्शन काटे गए हैं और टुल्लू जब्त किए गए हैं। साथ ही 178 ट्यूबवेल पर क्लोरीनेशन के डोजर लगाए गए हैं। इसके साथ ही डायरिया से प्रभावित इलाकों से भरे 195 पानी के सैंपलों में से 25 फेल आने के बाद निगम की ओर से यहां पाइपों की मरम्मत कराई गई है। गौरतलब है कि बीते कईं दिनों से पटियाला में डायरिया का प्रकोप फैला है। पहले पटियाला शहर की न्यू महिंदरा कालोनी में एक ही परिवार के सात सदस्य डायरिया की चपेट में आ गए। इसके बाद पातड़ां और फिर गांव झिल व इसके बाद न्यू यादविंदरा कालोनी, अनाज मंडी, अबचल नगर व फैक्टरी एरिया में डायरिया फैल गया। पटियाला व पातडां में डायरिया के अब तक 247 केस सामने आ चुके हैं, जबकि एक प्रवासी मजदूर समेत दो की मौत हो गई है। डायरिया फैलने का कारण पीने के पानी में सीवरेज के पानी का मिलना बताया जा रहा है। हालांकि अब पिछले दो-तीन दिनों से डायरिया के नए केस सामने नहीं आ रहे हैं। इस मसले को लेकर पंजाब की आप सरकार लगातार भाजपा के निशाने पर है।
ऐसे में नगर निगम चेता है और डायरिया पर काबू पाने के लिए कदम उठाए गए हैं। निगम के कमिश्नर आदित्या डेचलवाल ने बताया कि टुल्लू पंप के जरिये लो प्रेशर बन जाता है और दूषित पानी टंकियों में चला जाता है। ऐसा पानी पीने से पेट में संक्रमण होने से उल्टियां व दस्त की बीमारी होती है। इसलिए लोगों को चाहिए कि वह निगम को सहयोग देते हुए पानी की सप्लाई लाइन में खुद से गैरकानूनी ढंग से कनेक्शन न लें। बल्कि पानी के कनेक्शन रेगुलराइज करा लें। वरना निगम की ओर से कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। इसके साथ ही निगम के शहर में 178 ट्यूबवैल चलते हैं, जिनकी चेकिंग के दौरान 26 में क्लोरीनेशन कम पाई गई है। तय मापदंड़ों वाला क्लोरीन युक्त पानी आखिरी नल तक पहुंचाने के लिए सभी ट्यूबवेल पर क्लोरीनेशन के डोजर लगवाए गए हैं। इन पंपों में क्लोरीन की डोज 1 पीपीएम से बढ़ाकर 3 पीपीएम तक की गई है। वहीं प्रभावित इलाकों से पानी के भरे 195 सैंपलों में से 25 फेल पाए जाने के बाद यहां पानी सप्लाई करने वाली पाइपों की मरम्मत कराई गई है। देखा गया था कि पाइपें टूटी होने के कारण पानी में सीवरेज का पानी मिक्स हो रहा था।
इसके साथ सीवरेज की निकासी में गोबर व अन्य वेस्ट फेंकने वाली 71 डेयरी मालिकों के चालान किए गए हैं। निगम के कमिश्नर ने बताया कि निगम की सेहत टीम की ओर से शहर में 1500 घरों का सर्वे किया गया। इस दौरान 122 घरों में गंधला पानी के सप्लाई होने की शिकायत आई। इसे तुरंत ठीक कराया गया है। साथ ही लोगों को साफ-सफाई रखने के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि शहर में 5 पोर्टेबल सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जाएंगे और पहले से लगे प्लांट की क्षमता भी बढ़ाई जाएगी।