कैप्टन सरकार के खिलाफ गरजे सरकारी मुलाजिम
डीसी दफ्तर के सामने धरना देकर पे कमीशन की रिपोर्ट लागू करने की मांग
डीसी के जरिये मुख्यमंत्री को भेजा 25 सूत्रीय मांग पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला।
विभिन्न सरकारी और अर्द्ध सरकारी विभागों के मुलाजिमों ने बुधवार को पंजाब स्टेट कर्मचारी दल के बैनर तले इकट्ठा होकर अपनी मांगों के समर्थन में कैप्टन सरकार के खिलाफ रोष धरना दिया। धरने के बाद मुलाजिम सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए डीसी दफ्तर पहुंचे और डीसी कुमार अमित के जरिये सीएम को मांग पत्र भेजा।
इस मौके पर प्रदेश प्रधान हरी सिंह टोहड़ा ने मांग की कि पंजाब सरकार चुनाव के वक्त मुलाजिम वर्ग के साथ किए अपने वादे पूरा करे। इसके तहत पे कमीशन की रिपोर्ट जल्दी लेकर मुलाजिमों पर लागू की जाए। पे कमीशन की ओर से ढीली रफ्तार के साथ काम करना यह दर्शाता है कि पंजाब सरकार अभी भी इसको और लटकाना चाहती है। मांग की कि डीए की किश्तों का रहता एरियर रिलीज किया जाए। जनवरी 2017 से पेंडिंग पड़ी किश्त नगद रूप में दी जाए। पिछली सरकार की ओर से दिहाड़ीदार, वर्कचार्ज व ठेका आधारित 27 हजार कर्मचारियों की सेवाओं को रेगुलर करने का जो बिल विधानसभा में पास किया गया था, उसके आधार पर कर्मचारियों की सेवाओं को रेगुलर किया जाए।
उन्होंने मांग की कि वादे के मुताबिक हर घर में नौकरी देकर विभागों में खाली पड़े पदों को भरा जाए। साथ ही दो महीनों से पंजाब के खजाने पर लगी अघोषित पाबंदी हटाकर मुलाजिमों की तनख्वाहें रिलीज की जाएं। 25 जुलाई को डीसी दफ्तर फतेहगढ़ साहिब में धरना देने का एलान किया गया। धरने में राजेश मनी, सतपाल सिंह, बलदेव और जसविंदर आदि ने भी हिस्सा लिया। इन नुमाइंदों ने मांग की कि पुरानी पेंशन स्कीम बहाल की जाए। मिनीमम वेज बढ़ाया जाए। सरकारी जमीनों को कौड़ियों के भाव न बेचा जाए।
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कैप्शन-बुधवार को पटियाला में डीसी दफ्तर के सामने मांगों को लेकर रोष धरना देते मुलाजिम।