चेयरमैन पद पर एससी भाईचारे ने दावा ठोका
कहा, 60 वर्ष में कभी भी पावरकाम में एससी कोटे से नहीं लगा चेयरमैन
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला।
पीएसईबी शिड्यूल कास्ट पावर इंजीनियर आफिसर्स एसोसिएशन पंजाब और एससी, बीसी इंप्लाइज फेडरेशन ने संयुक्त तौर पर पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड (पावरकाम) की चेयरमैन पर पर दावा ठोका है। बुधवार को यपत्रकार वार्ता में जत्थेबंदियों के नुमाइंदों ने कहा कि 1959 से लेकर अब तक 60 साल में कभी भी एससी कोटे से चेयरमैन नहीं लगाया गया। इसके अलावा अब सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के चुनावी वादे मुताबिक 13.9 रेशो के तहत 14 में से चार डायरेक्टर एससी भाईचारे से नियुक्त करने की मांग रखी।
एसोसिएशन के प्रधान इंजीनियर फकीर चंद जस्सल ने कहा कि पंजाब में शुरू से ही एससी भाईचारे के साथ अन्याय किया जाता रहा है। वर्ष 1959 में पंजाब राज्य बिजली बोर्ड अस्तित्व में आया था, तब से लेकर आज तक कभी भी चेयरमैन शिड्यूल कास्ट वर्ग से नियुक्त नहीं किया गया, जबकि बड़ी में शिड्यूल कास्ट के लोग चेयरमैन के साथ-साथ डायरेक्टरों की पोस्टों के लिए भी योग्यता रखते हैं। प्रधान ने कहा कि इस समय पावरकाम में डायरेक्टरों की 14 पोस्ट हैं। इनमें एक भी डायरेक्टर एससी वर्ग का नहीं है। कांग्रेस ने अपने चुनावी वादे में 31.9 रेशो का वादा किया था। इस वादे मुताबिक 14 में से चार डायरेक्टर एससी वर्ग के होने चाहिए। इसके अलावा एससी और बीसी वर्ग के लिए 200 यूनिट माफी स्कीम में किया संशोधन वापस लेने और एससी, एसटी एक्ट लागू रहने की मांग की गई। इस मौके पर अमरीक सिंह बंगड, इंजीनियर आरएस बंगड, इंजीनियर कुलराज सिंह मौजूद रहे।