पीयू के मुलाजिमों को नहीं मिली तनख्वाहें, रोष
एससी/बीसी कर्मचारी फेडरेशन ने सीएम से की ग्रांट रिलीज करने की मांग
जल्द वेतन न मिलने पर परिवारों समेत सड़कों पर उतरने की चेतावनी दी
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला।
पंजाबी यूनिवर्सिटी में चल रहे वित्तीय संकट से करीब 5000 रेगुलर और ठेका मुलाजिमों को फरवरी माह का वेतन अब तक नहीं मिला है। इससे उनमें काफी रोष है। मुलाजिम जत्थेबंदियों ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह सेे मांग की है कि तनख्वाहें देने के लिए जल्द ग्रांट रिलीज की जाए। मुलाजिमों ने तनख्वाहें जल्द न मिलने पर आंदोलन छेड़ने की चेतावनी भी दी है।
दरअसल पंजाब सरकार की ओर से यूनिवर्सिटी प्रशासन को मुलाजिमों की तनख्वाहें देने के लिए हर माह सात करोड़ 34 लाख की ग्रांट जारी की जाती है, लेकिन फरवरी माह की ग्रांट अब तक रिलीज नहीं हुई है। इससे यूनिवर्सिटी प्रशासन अपने मुलाजिमों को वेतन व पेंशनरों को पेंशनें देने में असमर्थ रह रहा है। यूनिवर्सिटी पहले ही वित्तीय संकट में है। पीयू के 5000 मुलाजिमों की हर माह की तनख्वाह का करीब 24 करोड़ और पेंशनों का चार करोड़ का खर्च है। कुछ हिस्सा पंजाब सरकार डालती है, तो बाकी यूनिवर्सिटी प्रशासन अपने आय के स्रोतों से पूरा करती है।
इस बारे में पंजाबी यूनिवर्सिटी की एससी/बीसी कर्मचारी फेडरेशन के प्रधान डॉ. जतिंदर सिंह मट्टू ने सीएम से मांग की है कि यूनिवर्सिटी के लिए ग्रांट जल्द जारी की जाए। साथ ही मांग की कि ऐसे में पीयू को वित्तीय संकट से उभारने के लिए कैप्टन को ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने जल्द तनख्वाह जारी न कीं, तो मुलाजिमों को मजबूर होकर अपने परिवारों के साथ सड़कों पर उतरना पड़ेगा।