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महिंदरा कालेज वर्कशाप

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‘कैंसर के 40 फीसदी मामले तंबाकू से’
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महिंदरा कालेज में आयोजित वर्कशाप में तंबाकू मुक्त गांवों की पंचायतों को सम्मानित किया गया
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला।
सेहत विभाग ने बुधवार को सरकारी महिंदरा कालेज में वर्कशाप का आयोजन किया । इसमें तंबाकू मुक्त गांवों की पंचायतों को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया।
सिविल सर्जन डॉ. हरीश मल्होत्रा ने कहा कि सिगरेट का धुआं जहां धूम्रपान करने वालों के लिए जहर का काम करता है, वहीं यह धुआं आसपास के लोगों को भी बीमारियों का शिकार बनाता है। उन्होंने कहा कि कैंसर के 40 प्रतिशत केस तंबाकू का सेवन करने की वजह से होते हैं। उन्होंने तंबाकू पदार्थों के सेवन से शरीर पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों बारे बताते हुए कहा कि बीड़ी, सिगरेट, जर्दा, गुटका, खैनी आदि जैसी चीजों का सेवन करने वाले व्यक्तियों में फेफड़ों का कैंसर, मुंह का कैंसर, गले का कैंसर, सांस, दमा और दिल की बीमारियां होने की संभावना अधिक हो जाती है।
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डॉ. गुरमीत सिंह ने बताया कि तंबाकू पदार्थों का सार्वजनिक स्थलों पर होने वाले प्रयोग पर रोक, तंबाकू पदार्थों के विज्ञापन करने पर रोक और स्कूलों के 100 गज के घेरे में तंबाकू पदार्थों को बेचने और प्रयोग की मनाही बारे बताया। डॉ. रजनीश एसोसिएट प्रोफेसर मनोरोग विभाग राजिंदरा अस्पताल ने बताया कि तंबाकू से निकलने वाले निकोटिन से हमारे दिमाग में डैपोमीन नाम का एक रसायन पैदा होता है, जिससे शुरू में कोई भी व्यक्ति खुद को तनाव मुक्त महसूस करता है, पर धीरे-धीरे इसकी जरूरत अधिक पड़ने लगती है और वह तंबाकू के बिना रह नहीं पाता। इससे सेहत पर नकारात्मक प्रभाव पड़ते हैं।
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