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मोदी सरकार खिलाफ ट्रांसपोर्ट कर्म्रचारियों का प्रदर्शन

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केंद्र सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरे ट्रांसपोर्ट कर्मचारी
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राज्यसभा में पेश किए मोटर व्हीकल एक्ट संशोधन बिल-2017 का विरोध किया
कहा, तुरंत वापस लिया जाए, इससे सरकारी ट्रांसपोर्ट का नुकसान होगा
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला।
केंद्र सरकार की ओर से राज्यसभा में पेश किए गए मोटर व्हीकल एक्ट संशोधन बिल-2017 के विरोध में मंगलवार को ट्रांसपोर्ट सेक्टर में काम करते कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में इकट्ठा होकर बस स्टैंड पर प्रदर्शन किया। इसके बाद रोष मार्च निकाला गया और जिला प्रशासन के जरिए गवर्नर को ज्ञापन भेजा गया। इसमें मांग की गई कि उक्त बिल को तुरंत वापस लिया जाए क्योंकि इसके पास होने से सरकारी ट्रांसपोर्ट का नुकसान होगा।
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नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडिया रोड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स के राष्ट्रीय महासचिव निर्मल सिंह धालीवाल, पीआरटीसी सीटू के महासचिव सरबजीत सिंह उप्पल, पीआरटीसी इंटक के महासचिव हरदीप सिंह ने कहा कि इस बिल के लागू होने से हर तरह का व्हीकल चलाने वाले ड्राइवरों को अपना काम छोड़ने को मजबूर होना पड़ेगा। ड्राइवरों के खिलाफ सख्ती करने की धाराएं इस कानून में जोड़ दी गई हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार मोटर व्हीकल एक्ट संशोधन बिल को दिन प्रतिदिन बढ़ रहे सड़क हादसों की रोकथाम करने की आड़ में जनता को असली कारणों से अवगत कराने की बजाय धोखे में रखकर ला रही है। बिल के लागू होने से सबसे बुरा असर टैक्सी, ट्रक, आटो रिक्शा मालिकों और अन्य हर तरह के छोटे ट्रांसपोर्ट व्हीकल चलाकर अपनी रोजी रोटी कमाने वालों पर होगा। मुलाजिम नेताओं ने सरकार से इस बिल को लागू करने की बजाय सड़कों पर घूमते आवारा पशुओं पर नकेल कसने, ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाने और सड़कों को चौड़ा करने की मांग की। इससे बढ़ रहे सड़क हादसों को कम किया जा सके। मुलाजिम नेताओं ने एक सुर में इस बिल को वापस लेने की मांग की।
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