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मोहाली को नई टेक्निकल यूनिवर्सिटी का तोहफा
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सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने रखी यूनिवर्सिटी की नींव
कहा- आईटी के क्षेत्र में हो रहे तकनीकी विकास जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डाल रहे
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। रविवार को मोहाली को नए साल का तोहफा मिल गया। यह तोहफा नेक्सट जेनरेशन एजुकेशन का है जो प्लाक्शा यूनिवर्सिटी के तौर पर मिला। सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आईटी सिटी में बनाई जा रही इस यूनिवर्सिटी का नींव पत्थर रखा। इस टेक्निकल यूनिवर्सिटी की शुरुआत से पंजाब और पड़ोसी राज्यों सहित समूचे उत्तर भारत के युवाओं को फायदा मिलेगा। भारत के फर्स्ट जेनरेशन एंटरप्रेन्योर्स में शामिल रहे पांच लोगों ने ग्रुप के तौर पर नेक्सट जेनरेशन एजुकेशन की शुरुआत के लिए पहल की है। प्लाक्शा यूनिवर्सिटी इसी साल से अपना पहला एकेडमिक प्रोग्राम यूसी बार्कले के साथ लांच कर देगी जबकि अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम 2021 से शुरू होगा।
सीएम ने कहा कि आईटी ने संसार को एक ग्लोबल गांव बना दिया है। आईटी क्षेत्र में हो रहे तकनीकी विकास जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डाल रहे हैं। सीएम ने उम्मीद जताई कि यह यूनिवर्सिटी राज्य के विद्यार्थियों की किस्मत को बदल देगी और उनको आज के तकनीकी बदलाव के साथ तालमेल बनाने में सहायता करेगी। उन्होंने कहा कि यह यूनिवर्सिटी उच्च स्तरीय अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ तालमेल करके राज्य के विद्यार्थियों के तकनीकी कौशल को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी।
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वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने कहा कि विश्व स्तरीय यूनिवर्सिटी का शिलान्यास राज्य के लिए गर्व की बात है और मानक शिक्षा प्रदान करने के लिए हर संभव कोशिश की जाएगी।
कैबिनेट मंत्री और स्थानीय विधायक बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा कि यूनिवर्सिटी के निर्माण से हलके में रोजगार के नए मौके पैदा होंगे। कार्यक्रम के दौरान फाउंडर बिनोरी नोलेज सल्यूशंस आशीष गुप्ता ने मुख्यमंत्री को विशेष तौर पर सम्मानित किया। समारोह में खेल मंत्री राणा गुरमीत सिंह सोढी, लोक निर्माण और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री विजय इंदर सिंगला और यूनिवर्सिटी के को-फाउंडर अशीष गुप्ता अशोका मौजूद रहे।
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दो हजार करोड़ की लागत से तैयार होगी यूनिवर्सिटी
पलाक्शा यूनिवर्सिटी 50 एकड़ में 2000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होगी। पहले पड़ाव में एक हजार विद्यार्थियों और वर्ष 2035 तक आठ हजार विद्यार्थियों के दाखिले की योजना बनाई गई है। इसका अकादमिक प्रोग्राम, ‘पलाक्शा टैक लीडर्स फैलोशिप’ के तौर पर यूसी बर्कले की हिस्सेदारी से 2019 में शुरू किया जाएगा। अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम 2021 से शुरू होगा। 40 प्रौद्योगिकी और कारोबारी लीडरों द्वारा स्थापित होने से ग्लोबल इंजीनियरों द्वारा बनाए अपने खुद के अकादमिक सलाहकार बोर्ड के साथ यह यूनिवर्सिटी भारत में तकनीकी शिक्षा में बदलाव लाने के लिए मार्गदर्शक साबित होगी। यूनीवर्सिटी का उद्देश्य भारत की शहरी गतिशीलता, स्थिरता, भविष्य की फैक्टरियां, स्वास्थ्य और शिक्षा समेत कुछ बड़ी चुनौतियों के क्षेत्र में अनुसंधान केंद्र स्थापित करना है। उनका सपना 21वीं सदी में संसार को प्रौद्योगिकी, विज्ञान और मानवता के अंतर्गत बदलने के लिए अगली पीढ़ी की यूनिवर्सिटी का निर्माण करना है।
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