पंजाब में मौजूदा धान के सीजन के दौरान सोमवार को सबसे अधिक पराली जली। 1251 नए मामले हुए और इसने पिछले दो सालों का भी रिकार्ड तोड़ दिया।
आंकड़ों के मुताबिक आज के ही दिन साल 2022 में पराली जलाने के 701 और साल 2023 में 637 मामले ही हुए थे। पीपीसीबी के चेयरमैन आदर्श पाल विग के मुताबिक सोमवार को पंजाब में रिकाॅर्ड पराली के जलने से पांच शहरों का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) खराब श्रेणी में दर्ज किया गया। इनमें सबसे अधिक लुधियाना का एक्यूआई 287 दर्ज किया गया, जबकि पटियाला का 259, जालंधर का 249, अमृतसर का 242 और मंडी गोबिंदगढ़ का एक्यूआई 220 दर्ज किया गया। वहीं खन्ना का एक्यूआई 145 और रूपनगर का 104 दर्ज किया गया।
सोमवार को पंजाब में पराली जलाने के रिकाॅर्ड 1251 नए मामले हुए। इससे अब मामलों की कुल गिनती बढ़कर 9655 पहुंच गई है। इनमें सबसे अधिक 247 पराली जलाने के मामले जिला मुक्तसर से सामने आए। इस सीजन में एक करोड़ 39 लाख 72 हजार 500 रुपये का जुर्माना ठोका गया है। इसमें से 1 करोड़ 1 लाख 72 हजार 500 रुपये की वसूली की जा चुकी है। वहीं 4009 रेड एंट्रियां हुई हैं और 4638 एफआईआर दर्ज हो गई हैं।