1872 में अंग्रेज शासक की तोप के आगे खड़े होकर बलिदान देने वाले 66 नामधारी कूकों की शहादत को नमन करने पहुंचे प्रदेश के वित्त मंत्री परमिंदर सिंह ढींढसा ने कहा कि ऐसे महान सूरमाओं के बलिदान के कारण ही हम आजादी का आनंद ले रहे हैं।
ढींढसा ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की ओर से पारित नई योजना जिसमें लोगों के पानी के बिल बिजली बिलों में जोड़ने का प्रस्ताव पारित किया गया है उसमें सवा सौ गज के मकान मालिकों को शामिल नहीं किया जाएगा। ऐसे लोगों पर पानी के बिल नहीं लगाए जाएंगे।
गौरतलब है कि प्रदेश में पहले से ऐसे मकान मालिकों को यह सुविधा दी जा रही है लेकिन इस नई योजना में ऐसे परिवारों को राहत मिलेगी या नहीं यह स्पष्ट नहीं किया गया था।
इतना ही नहीं वित्त मंत्री ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की ओर से प्रदेश में पुलिस हिरासत में मौत की तादाद बढ़ने पर जताई गई चिंता पर भी गंभीर चिंतन करने की बात कही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में पुलिस प्रशासन को और अधिक पारदर्शी बनाने पर ध्यान दिया जाएगा जिससे आम लोगों की पुलिस के प्रति शिकायतों को घटाया जा सके।
राज्य स्तर पर आयोजित इस शहीदी समारोह में देश विदेश से हजारों की संख्या में श्रद्धालु मालेरकोटला कूका स्मारक पहुंचे। सतगुरु उदय सिंह जी की रहनुमाई में आयोजित समारोह में सांसद प्रेम सिंह चंदूमाजरा, हीरा सिंह गाबड़िया, सुरिंदर सिंह नामधारी, फरजाना आलम, रजिया सुल्ताना, मंगत राम पासला, गुरसेवक सिंह मौजूद थे।