गांव कोठे मनवाल में वीरवार को दो और मृत गाय मिलने से शहर में बवाल मच गया। हिंदू संगठनों ने खूब हंगामा किया और गायों की मौत के लिए प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया।
उधर, शिवसेना पंजाब ने गोहत्या के विरोध में 26 नवंबर को पठानकोट बंद का आह्वान किया है। दूसरी तरफ पुलिस ने किसी भी स्थिति से निपटने के लिए गुरदासपुर और बटाला से अतिरिक्त पुलिस बल भी मंगवा लिया है। डीसी सिबन सी और एसएसपी राकेश कौशल हालातों पर नजर बनाए हैं।
गांव कोठे मनवाल में औजागर के ट्यूबवेल के पास खेतों के बीच वीरवार को सुबह धान की कटाई में लगे किसानों ने एक गाय मृत हालत में देखी।
इसके साथ ही सड़क के दूसरी तरफ गली सड़ी हालत में भी एक और गाय पड़ी हुई थी। लोगों के मुताबिक एक गाय का कान, पूंछ कटे हुए थे और कान से खून बह रहा था।
मामले की जानकारी मिलने पर बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद, शिवेसना पंजाब, अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा समिति, शिवसेना हिंदुस्तान, श्री अमरनाथ सेवा समिति समेत हिंदू संगठनों के पदाधिकारी मौके पर पहुंच गए और इसका जमकर विरोध जताया।
हिंदू संगठनों के प्रदर्शन की सूचना मिलने पर डीसी सिबन सी, एसएसपी राकेश कौशल, तहसीलदार यशपाल शर्मा, एसपी (डी) कुलवंत सिंह हीर, डीएसपी (डी) जगजीत सिंह, डीएसपी (सिटी) वरिंद्र सिंह संधू भी शाहपुरकंडी, ममून, थाना डिवीजन नं.1 व 2 से फोर्स लेकर मौके पर पहुंच गए। हिंदू संगठन मृत गायों को साथ लेकर शहर में प्रदर्शन करने पर अड़े रहे।
शहर का माहौल बिगड़ने की आशंका के चलते पुलिस और प्रशासन हिंदू संगठनों को समझाने में लगे रहे। आखिर बाद में हिंदू संगठनों का गुस्सा शांत हुआ और गायों के शव लेकर उनका पोस्टमार्टम कराने के बाद पुलिस निगरानी में संस्कार किया गया।
इस मौके पर शिवसेना पंजाब के जिला प्रधान रवि शर्मा, हिंदू सुरक्षा समिति के प्रदेश चेयरमैन सुरेंद्र मन्हास, शिवसेना हिंदुस्तान के जिला प्रधान ओंकार नाथ शर्मा, बजरंग दल के अखाड़ा प्रमुख राहुल शर्मा, सतीश महाजन, पंकज कुमार ने बताया कि प्रशासन पिछले सात दिन में गो हत्यारों को ढूंढ नहीं सकी है। शिवसेना पंजाब की ओर से 26 नवंबर को पठानकोट बंद का आह्वान किया गया है।