पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि हरियाणा में अलग शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी के गठन का सामना कभी साकार नहीं होगा। उन्होंने इस मुद्दे पर कांग्रेस की आलोचला की। साथ ही कहा कि ऐसा कदम सिखों पर तीसरे बड़े हमले के समान है।
बादल ने नशा मुक्ति केंद्रों के निरीक्षण के दौरान पत्रकारों के साथ बातचीत में कहा कि कांग्रेस हरियाणा में अलग शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी बनाने का सपना देख रही है। कांग्रेस शुरू से ही चाल के तहत सिखों के धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप करती रही है।
उन्होंने 1984 के दंगे को कांग्रेस की ही चाल का हिस्सा बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले भी कांग्रेस ने हरियाणा में अलग शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी बनाने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री डा.मनमोहन सिंह से अपील की थी, लेकिन मनमोहन सिंह ने ऐसा करने से मना कर दिया था। अब हमें पूरी आशा है कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कांग्रेस की मांग को कभी स्वीकार नहीं करेंगे ।
बादल ने आरोप लगाया कि हरियाणा के विधानसभा चुनाव में वोट हासिल करने के लिए ही कांग्रेस की ओर से अलग एसजीपीसी के गठन का सिगूफा छोड़ा गया है। चुनाव बाद यह मुद्दा खुद-ब-खुद ठंडा पड़ जाएगा। उन्होंने कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी बहुत कुर्बानियों के बाद अस्तित्व में आई है। पूरे देश में इसके मैंबर हैं। यह सिखों की संसद है। किसी को भी यह अधिकार नहीं है कि इसके बने एक्ट में कोई तबदीली कर सके।