पठानकोट में खनन पर अवैध वसूली के मामले के बाद प्रशासन भी चेकिंग के नाम पर खानापूर्ति करने में जुट गया है। क्रशरों पर रेत-बजरी के स्टाक की जांच-पड़ताल के लिए एसडीएम धारकलां बी. श्रीनिवासन और खनन विभाग के जीएम धर्मपाल पर आधारित टीम ने मीरथल इलाके के क्रशरों पर रिकार्ड जांचा। क्रशर मालिकों ने विभाग की इस कार्रवाई का विरोध किया। इस बीच टीम ने 30 क्रशरों पर जाकर उनका रिकार्ड खंगाला।
मालूम हो कि खनन ठेकेदारों की ओर से अवैध नाके लगाकर अवैध वसूली किए जाने का मामला सुर्खियों में आने के बाद उद्योग मंत्री मदन मोहन मित्तल ने जांच के आदेश जारी किए थे। उसकी रिपोर्ट जिला प्रशासन की ओर से सौंपी गई है। फिलहाल रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया गया है। उसके बाद महज क्रशरों पर स्टाक चेकिंग कर जांच के नाम पर खानापूर्ति शुरू कर दी गई है। बुधवार को मीरथल में क्रशरों की जांच के लिए टीम के पहुंचने की खबर जैसे ही क्रशर यूनियन को लगी तो पंजाब स्टोन क्रशर एसोसिएशन के प्रधान विजय पासी, चेयरमैन रविंदर अब्बी और अन्य क्रशर मालिक मीरथल अबादगढ़ में क्रशर पर पहुंची टीम के पास पहुंच गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि क्रशर वालों को कभी केंद्र की टीमें, कभी राज्य की तो कभी जिले की सरकारी टीमें परेशान कर रही हैं। उन्होंने कहा कि वे कच्चा माल जम्मू-कश्मीर से रॉयलटी कटवा कर ला रहे हैं और हिमाचल से तैयार माल लाकर बेच रहे हैं। बाद में एसडीएम धारकलां और माइनिंग अफसर ने कहा कि वे एफआईआर दर्ज करने नहीं बल्कि क्रशर पर पड़े माल का हिसाब करने आए हैं तो यूनियन के सदस्य शांत हुए।
इस मौके पर गोपाल शर्मा, गुरदियाल सिंह, नरेंदर सिंह, पवनप्रीत सिंह, शिंगारा सिंह, गुरमीत सिंह, मुख्यतार सिंह, वरिंदर चड्डा, रंजीत सिंह मौजूद रहे। इस बारे में पूछने पर जीएम धर्मपाल ने बताया कि क्रशरों पर स्टाक का रिकार्ड चेक किया जा रहा है। उन्होंने स्टाक के लेन-देन को लेकर गड़बड़ियां बताने से इंकार करते हुए कहा कि उसकी रिपोर्ट डीसी को सौंपी जाएगी और उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हर तीन माह बाद स्टाक रिपोर्ट जमा कराने के बारे में उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश से कच्चा माल लाया जा रहा है, उसकी रिकार्ड होना चाहिए। उधर, पंजाब और हिमाचल प्रदेश स्टोन क्रशर यूनियन के विजय पासी ने कहा कि प्रशासन की ओर से बिना वजह से क्रशर इंडस्ट्री को तंग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हर तीन माह में एक बार स्टाक की जानकारी विभाग को दी जाती है और अब उनके यहां चेकिंग करना गलत है। उन्होंने कहा कि हिमाचल और जम्मू-कश्मीर से अपना स्टाक लाया और बेचा जा रहा है।
जेएंडके और हिमाचल से कच्चा माल लाने पर संशय
पठानकोट। मीरथल इलाके में चक्की दरिया के किनारे क्रशर इंडस्ट्री है और खनन पर रोक लगने की वजह से क्रशर मालिक दरिया को छोड़कर 40 किलोमीटर मीरथल से दूर जम्मू-कश्मीर से जाकर कच्चा माल लाएं, यह बात गले नहीं उतर रही है। जबकि रास्ते में दो-दो बैरियर से होकर क्रशर मालिकों को दोगुना टैक्स कटाना पड़ता है।