बीते दिनों मामून छावनी में सैन्य ठिकानों की जासूसी करने के आरोप में पकड़े गए मजदूर के बाद ढाकी स्थित एयरबेस कैंप के अंदर काम करने वाले मजदूर भी शक के घेरे में आ गए हैं। आतंकी हमले की जांच कर रही एनआईए टीम ने शनिवार को एयरबेस में मजदूरी के लिए जाने वाले मजदूरों के घरों पर छापामारी कर पूछताछ की।
यह वह मजदूर हैं, जो आतंकी हमले से कुछ दिन पहले एयरबेस कैंप में मजदूरी के लिए जाते थे। एनआईए टीम के साथ छापामारी के दौरान पंजाब पुलिस के अधिकारी भी मौजूद थे। वर्ष के आरंभ में ढाकी स्थित एयरबेस कैंप में आतंकिया ने घुसपैठ करते हुए हमला कर दिया था। इस हमले की एनआईए जांच कर रही है।
आतंकी हमले के करीब एक माह के बाद मामून छावनी स्थित सैन्य ठिकाने में मजदूरी करने के लिए आए जम्मू कश्मीर के पुंछ जिला निवासी इरशाद अहमद को जासूसी करने के आरोप में पकड़ा गया था। जासूस मजदूर के पकडे़ जाने के बाद अब शक की सूई एयरबेस कैंप में मजदूरी के लिए जाने वाले वाले मजदूराें पर आ गई है। एनआईए टीम व पुलिस अधिकारियों ने शहर के सुंदर नगर, ढाकी, बजरी कंपनी आदि मोहल्लों में मजदूरों को घरों पर छापामारी की है।
बताते है कि लगभग 250 मजदूर रोजाना मजदूरी के काम के लिए एयरबेस कैंप में जाते हैं। मजदूरी के लिए एयरबेस कैंप में जाने वाले हर मजदूर की पहचान की जानकारी एयरफोर्स स्टेशन में दर्ज की जाती है। उसी के आधार पर एनआईए टीम ने छापामारी की है।
छापामारी के दौरान एनआईए ने मजदूरों व उनके परिवारों के पहचान पत्र व मोबाइल फोन भी जांचे। यहीं नहीं एनआईए ने स्थानीय लोगों से भी मजदूरों के बारे में जानकारी जुटाई। इस संबंध में एसएसपी आरके बख्शी ने बात की गई तो उन्होंने कहा मामले की जांच एनआईए कर रही है। उन्होंने एनआईए टीम की ओर से मजदूरों को घरों में छापामारी की पुष्टि करते हुए कुछ भी बताने के इंकार कर दिया।