मांगों को लेकर पिछले काफी समय से संघर्ष कर रहे जलसप्लाई और सैनीटेशन विभाग के कर्मचारियों के संघर्ष में किसान संगठनों ने भी अपना समर्थन देने की घोषणा कर दी है।
इसके तहत वीरवार को यूनियन की गुरदासपुर इकाई के प्रधान सुखनंदन सिंह मैहनीया, कंट्रैक्टर वर्कर यूनियन और पगड़ी संभाल लहर के नेताओं ने डीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।
कर्मचारियों का कहना है कि सरकार ग्रामीण जल सप्लाईयों को जबरदस्ती पंचायतों के हवाले करने के साथ साथ प्रत्येक घर से वाटर सेस वसूलने की तैयारी कर रही है। इस योजना को लागू करने के लिए गलत तरीके से गांवों के सरपंचों से पालिसी के पक्ष में प्रस्ताव डलवाए जा रहे हैं।
यूनियन की गुरदासपुर इकाई के प्रधान सुखनंदन सिंह मैहनीया ने कहा कि सरकार लोगों को साफ सुथरा पानी देने के वादों से भाग रही है और लाखों रुपये के बिजली बिल के बकाया देने की बजाए सरपंचों को वाटर सप्लाईयों को पंचायतों के पास सौंप कर इनके बंद होने का सारा ठीकरा पंचायतों पर फोड़ना चाहती है।
पगड़ी संभाल जट्टा लहर के कनवीनर कमलप्रीत सिंह काकी ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने अपना फैसला वापस न लिया तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। डीसी को ज्ञापन सौंपने के बाद मार्च किया गया और डाकखाना चौक में सरकार की ओर से जारी पत्र की प्रतियां भी जलाई गई।
संगठन ने जलसप्लाई विभाग के निगरान इंजीनियर को भी ज्ञापन सौंपा इस अवसर पर सतनाम सिंह बाजवा, बटाला ब्रांच के प्रधान तेजबीर सिंह, पठानकोट के प्रदान सवर्ण सिंह, लक्खा सिंह समरा, सुखजीत कुमार, रविंदर सैनी, सुभाष चन्द्र हरदीप सिंह, गुरदेव सिंह, जुगराज सिंह, जसकरण सिंह, रवि कुमार, बलबीर सैनी, जगजीत सिंह, प्रवेश कुमार, राकेश बेदी, गुरप्रीत संधु, गुरमीत सिंह पाहड़ा, रुपिंदर सिंह, रछपाल बिट्टू, अजमेर सिंह, वेदपाल, राकेश बेदी, निरवीर सिंह, जगजीत सिंह, बलविंदर सिंह मौजूद थे।