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अब उछला सब्जियों की कीमतों का ग्राफ

Fri, 04 Jul 2014 10:31 PM IST
पठानकोट ।
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केंद्र की नई सरकार के वादों के मुताबिक अच्छे दिन की चाह पर पानी फिरता नजर आ रहा है। पेट्रो पदार्थों, एलपीजी गैस तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में इजाफे के बाद अब सब्जियों की कीमतों में भी अप्रत्याशित उछाल दर्ज की गई है।
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ऐसे में लोगों का कहना है कि अच्छे दिन की चाह में अब उन्हें महंगाई के दिन देखने पड़ रहे हैं। सब्जी व्यवसायी तिलक राज ने बताया कि यदि वह मंडी से 25 रुपये किलो के हिसाब से भी सब्जी लाते हैं, तो 50 किलो की बोरी में 45 किलो सब्जी निकलती है। उन्होंने कहा कि बरसात का मौसम होने के कारण इसमें से भी आधी सब्जी खराब निकलती है। जाहिर है ऐसी स्थित में सब्जियों की कीमत में इजाफा लाजिमी है।


जमाखोरी पर लगाम जरूरी
सब्जी मंडी में सब्जी खरीदने पहुंचे पादरी जॉन चौहान ने कहा कि सब्जी तो हर घर की पहली जरूरत है। इनकी जमाखोरी के कारण आम लोगों को महंगी कीमत अदा कर अपनी जरूरत पूरी करनी पड़ रही है। यदि सरकार जमाखोरी पर अंकुश लगाए तो लोगों को मुश्किलों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
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नई सरकार से उम्मीदों पर फिरा पानी
सुदेश शास्त्री ने कहा कि लोगों को केंद्र की नई भाजपा सरकार से बहुत आस थी। इसलिए जनता ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर पूर्ण बहुमत से केंद्र में भाजपा की सरकार बनाई। उम्मीद थी कि शायद अच्छे दिन आएंगे, लेकिन दिन प्रतिदिन बढ़ रही महंगाई ने लोगों की आस पर पानी फेर दिया है।

नारी जागृति मंच ने किया प्रदर्शन
सब्जियों की कीमतों में इजाफे के खिलाफ शुक्रवार को नारी जागृति मंच की सदस्यों और पदाधिकारियों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने प्रधान अमरपाल कौर की अध्यक्षता में गले में सब्जियाें के हार डालकर रोष प्रदर्शन किया। इस दौरान महिलाओं ने मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने लोगों से वादा किए था के केंद्र में भाजपा की सरकार बनते ही अच्छे दिन आएंगे, लेकिन केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद अच्छे दिन तो नहीं आए लेकिन महंगे दिन जरूर आ गए हैं। उन्होंने कहा कि एक गरीब मजदूर जिसकी एक दिन की दिहाड़ी 300 रुपये है। उसके लिए इतनी महंगाई में रोटी का जुगाड़ करना मुश्किल है। क्योंकि आजकल 100 रुपये में तो एक वक्त की सब्जी आ जाती है। 

रेट कम न हुए तो चक्का जाम
नारी जागृति मंच की सदस्यों ने कहा कि यदि जल्द से जल्द सरकार द्वारा सब्जियों के दामों में कटौती नहीं की गई तो उनके द्वारा चक्का जाम र प्रदर्शन किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
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सब्जियों का बाजार भाव
                     एक सप्ताह पहले     अब
भिंडी                  20                30
घिया                  20                 30            
तोरी                   20                30        
करेला                 20                40
टमाटर                15                20
गोभी                  30                40
अरबी                 30               40
शिमला मिर्च          50               80
मशरूम               120             200
फ्रासबीन              60               80
नींबू                   40               60
कीमतें प्रति किलो की दर से

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