नशाखोरी पर लगाम और इसके सौदागरों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस की ओर से जिले में चलाई गई छापामार मुहिम रंग नहीं लाई। पुलिस की इस कार्रवाई में न तो कोई बढ़ा तस्कर हाथ लगा और न ही तस्करों के ठिकाने का भंडाफोड़ हुआ। हालांकि बुधवार को दूसरे दिन भी पुलिस का छापामार अभियान जारी रहा। फिर भी पुलिस के हाथ खाली ही नजर आए।
बुधवार को एसएसपी राकेश कौशल की देख-रेख में एसपी (डी) जसपाल सिंह, डीएसपी (डी) जगजीत सिंह, डीएसपी (धारकलां) कमल सिंह, डीएसपी (देहाती) प्रभजोत सिंह, मुख्य अधिकारी थाना डिवीजन नंबर 1, थाना डिवीजन नंबर 2, थाना सदर, थाना कानवां, थाना सुजानपुर, इंचार्ज सीआईए स्टाफ, इंचार्ज पीओ स्टाफ व दो पुलिस जवानों की गठित टीमों के साथ विभिन्न गांवों की घेराबंदी कर मादक पदार्थों और तस्करों की छानबीन की गई।
पुलिस टीमों ने थाना सदर के गांव नंगर व भूर में सुबह 5 से 9 बजे तक तलाशी अभियान चलाया गया। इस दौरान पुलिस को कोई भी आपत्तिजनक वस्तु नहीं बरामद हुई। इस अभियान में शामिल पुलिस अफसरों का दावा है कि उनकी मुहिम तस्करों में हनक पैदा करने में कारगर साबित हो रही है। इससे नशे के सौदागरों में खौफ है। इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य नशा सप्लाई लाइन को खत्म करना है।
इसी कड़ी के तहत बुधवार को एसएसपी पठानकोट की देखरेख में डीएसपी (डी) जगजीत सिंह, सीआईए स्टाफ इंचार्ज गुरु गोरख नाथ व ड्रग इंस्पेक्टर जनक राज के साथ संयुक्त रूप से छापा मार कर मेडिकल स्टोर सरना, भरोली कलां, रेलवे रोड पठानकोट, मामून व ढाकी रोड में छह विभिन्न मेडिकल स्टोरों पर चेकिंग की गई। उन्हाेंने बताया कि इसी तरह आगे भी चेेकिंग अभियान चलाए जाएंगे।