पठानकोट। पंजाब सरकार की ओर से लगाए प्रापर्टी व कालोनी नियमित कराने के लिए लगाए टैक्स के विरोध में पठानकोट के लोगों ने वीरवार को प्रदर्शन किया। इस दौरान कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवाही) ने सरकार की नीति के विरोध में शहर में रोष मार्च निकाला।
इस अवसर पर प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और टैक्स वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने डीसी दफ्तर के बाहर प्रदर्शन कर डीसी को मांग पत्र भी सौंपा।
तहसील सचिव लाल चंद कटारूचक्क ने आरोप लगाया कि सरकारी मंत्री और विधायक अपने निजी खर्च घटाने की बजाए लोगों पर टैक्सों का बोझ थोप रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार साम्राज्य शक्तियों के दबाव में आकर वर्ल्ड बैंक व अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की हिदायताें के अनुसार लोक विरोधी नीतियां लागू कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों के परिणामस्वरुप देश में महंगाई, बेरोजगारी व भ्रष्टाचार शिखरों पर है।
आम जनता को भुखमरी व कुपोषण का शिकार होना पड़ रहा है। लोगों को सेहत व शिक्षा सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। गांवों जगह-जगह नशाें की दुकानें खुलने से युवा वर्ग नशों की दलदल में धंसता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार यह टैक्स लगाकर लोगों पर भारी आर्थिक बोझ डाला गया है। लोगों ने जब प्लाट खरीदे थे तब सरकार का स्टांप डयूटी फीस भरी थी जब मकान बनाए तो नक्शा फीस व अन्य फीस जमा कराई अब लोग दोवारा से टैक्स वसूल करना अनुचित है। इससे पहले प्रदर्शनकारियों ने लेबर शेड से रोष मार्च शुरू किया और वाल्मीकि चौक, गांधी चौक, डाक खाना चौक, मेन बाजार, मिशन रोड के रास्ते डीसी दफ्तर पहुंचे। इस अवसर पर नत्था सिंह, दलबीर सिंह, सुभाष शर्मा, शिव कुमार, पीवी सैनी, बलदेव सिंह, सागर सिंह, हजारी लाल उपस्थित थे।