जिला सत्र न्यायाधीश बीएस संधू की अदालत ने अपने दो मासूम बच्चों की हत्या के आरोप में पिता को फांसी की सजा सुनाई है।
जानकारी के अनुसार गांव छोटेपुर निवासी सुरेश कुमार और शीतल की शादी के तीन साल बाद भी दोनों के बीच अक्सर झगड़ा रहता था। इस बात पर परिवार ने उन्हें अलग कर दिया। दो साल तक दोनों अलग किराए के मकान में रहे।
बेटा होने के बाद वे गांव छोटेपुर में आकर रहने लगे थे। 29 जुलाई 2013 को दोनों अपनी डेढ़ साल की बेटी नव्या और दो माह के पुत्र सुमित को साथ लेकर दवा लेने के लिए गुरदासपुर गए थे।
जहां वह ससुराल चला गया। दोनों के बीच झगड़ा होने के बाद सुरेश ने पत्नी को मायके में छोड़ दिया और देर रात पठानकोट आ गया। देर रात उसने बच्चों को दूध में जहरीला पदार्थ मिलाकर दे दिया।
जहरीला दूध पीने के कारण दोनों ने दम तोड़ दिया। उनके पास ही सुरेश भी सो गया। शुरूआत में उसने पुलिस को शीतल के गुरदासपुर से उसे दूध में जहर डालकर देने की कहानी सुना दी।
जांच में खुलासा हुआ कि घरेलू कलह के कारण सुरेश ने ही दोनों बच्चों को दूध में जहर देकर मार डाला है। उक्त मामले में सुजानपुर पुलिस ने सुरेश कुमार के खिलाफ पत्नी की शिकायत पर दोनों मासूमों की हत्या के आरोप में 30 जुलाई 2013 को हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था।
मामले के चालान के बाद में पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया। वीरवार को जिला सत्र न्यायाधीश बीएस संधू की अदालत ने दोनों मासूमों की हत्या का सुरेश कुमार को दोषी करार देकर उसे फांसी की सजा सुनाई।