अस्थायी कर्मचारियों को पांच माह से वेतन नहीं मिल रहा है। इससे खफा विभिन्न कर्मचारी संगठनों का गुस्सा शुक्रवार को फूट पड़ा।
नगर पालिका कर्मचारी यूनियन, अखिल भारतीय सफाई मजदूर यूनियन, द पठानकोट म्यूनिसिपल वर्कर यूनियन, म्यूनिसिपल वर्कर यूनियन ने निगम दफ्तर के बाहर जमकर प्रदर्शन किया।
नाराज कर्मचारियों ने तीन मार्च से काम छोड़ हड़ताल और पांच मार्च से भूखहड़ताल पर बैठने का भी ऐलान किया।
अखिल भारतीय सफाई मजदूर यूनियन के चेयरमैन रोशन लाल ने बताया कि नगर निगम पठानकोट में ठेकेदारी के जरिये कार्य कर रहे वाटर सप्लाई, सीवरेज विभाग और सफाई कर्मचारियों को पांच माह से वेतन नहीं मिला है।
इससे उनकी आर्थिक स्थिति खराब होती जा रही है। उन्होंने कहा कि वेतन के लिए निगम प्रशासन की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया जाता है।
अधिकारी, डायरेक्टर, राज्य सरकार की ओर से प्रस्ताव पास नहीं किए जाने का बहाना बनाकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेते हैं। उन्होंने कहा कि अस्थायी मुलाजिमों को बहुत कम वेतन मिलता है।
वह भी समय पर न मिले तो उनके परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाता है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के साथ अन्याय किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने मांग की कि स्थायी मुलाजिमों की सेवाएं नियमित की जाएं। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि मुलाजिम किसी भी विभाग की रीढ़ होते हैं। उनके कामकाज ठप करने से शहर की व्यवस्था चरमरा जाएगी। इसकी जिम्मेदारी निगम प्रशासन की होगी।
इस मौके पर प्रधान गुरमेज सिंह, रमेश कटो, अविनाश सैनी, रमेश दरोगा, रमन शर्मा, केवल शर्मा, राजिंद्र जिंदू, नंदी प्रधान, प्रेम नेता, यूनिस मलिक, नरेश, मेहर सिंह, संजीव कुमार मौजूद थे।