उड़ानों के अभाव में लंबे समय से वीरान पड़ा पठानकोट एयरपोर्ट एक बार फिर गुलजार होगा। जम्मू एयरपोर्ट पर अतिरिक्त जहाजों की उड़ान के लिए रनवे को बढ़ाने की मंशा से प्रस्तावित मरम्मत व निर्माण कार्य को देखते हुए जम्मू से होने वाली उड़ानों को फिलहाल पठानकोट शिफ्ट किया जाएगा। इस प्रकार वैकल्पिक व्यवस्था के तहत कुछ समय के लिए यहां से एक बार फिर हवाई सेवाओं का संचालन होगा।
इस बीच अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के मद्देनजर एयरपोर्ट का मेन गेट भी बड़ा किया जाएगा। हालांकि यह वैकल्पिक व्यवस्था कब से शुरू होगी, इसका निर्धारण फिलहाल नहीं किया जा सका है।
पिछले दिनों एयरपोर्ट अथॉरिटी के अफसरों की एक सर्वे टीम ने यहां आकर हवाई सेवाओं की शुरुआत के मद्देनजर जायजा लिया था। इसी बीच टीम ने एयरपोर्ट के मेन गेट को बड़ा करने की आवश्यकता जाहिर की थी। काबिलेगौर है कि चार साल पहले पठानकोट एयरपोर्ट से हवाई सेवा शुरू की गई थी ताकि लोग यहां से दिल्ली, लुधियाना, कुल्लु आदि स्टेशनों तक हवाई सफर कर सकं।
इसके तहत यहां से पहली उड़ान 21 नवंबर 2006 को शुरू हुई। यह उड़ान एयर डैक्कन की थी, जोकि ढाई वर्ष तक पठानकोट से रेगुलर होती रही, लेकिन कम यात्री होने के कारण कंपनी को घाटा होने लगा। ऐसे में हवाई सेवा बंद हो गई। इसके बाद 2010 में एयर इंडिया ने यहां से 78 सीटर विमान की उड़ान शुरू की, लेकिन यात्रियों के अभाव में एक वर्ष बाद यह सेवा भी बंद हो गई।
तब से लेकर अब तक पठानकोट एयरपोर्ट यहां से उड़ान के लिए राह देख रहा है। पूर्व में पठानकेाट एयरपोर्ट पर ए-7.8 उड़ानें ही यहां उतरती थीं, लेकिन अब जम्मू में उतरने वाली 7.3.7 बोइंग उड़ानों के साथ-साथ राष्ट्रीय तथा अंतराष्ट्रीय उड़ाने भी यहां से ही संचालित होंगी।
शहरवासियों की बंधी उम्मीदें
बीते दिनों एयर इंडिया की उड़ान शुरू करने के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी की ओर से सर्वे टीम के यहां आने के बाद से ही यहां के लोगों में एक बार फिर उड़ाने शुरू होने की उम्मीद जगी है। लोगों को लग रहा है कि अगस्त महीने तक हवाई सेवाएं शुरू हो सकती हैं।
फोटो-14, पठानकोट एयरपोर्ट का बाहरी दृश्य ।