लोकसभा चुनाव में प्रत्याशियों को प्रचार अभियान में होने वाले खर्च का ब्यौरा तैयार करने के लिए बहीखाता तैयार करना होगा। इसमें हर खर्च का ब्योरा लिखते हुए बिल और बाउचर भी लगाने होंगे। हर तीसरे दिन यह रजिस्टर निर्वाचन अफसरों को दिखाना होगा।
यह ब्योरा वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। भारत निर्वाचन आयोग की ओर से जारी निर्देशों के तहत कहा गया है कि हर प्रत्याशी को चुनाव का खर्च का लेखा निर्धारित रजिस्टर में दिन- प्रतिदिन के हिसाब से दर्ज किया जाएगा। डीसी/जिला निवार्चन अधिकारी सिबिन सी ने बताया कि प्रत्याशियों को यह रजिस्टर चुनाव के दौरान किसी भी निरीक्षण के लिए समर्थक दस्तावेजों समेत जिला निर्वाचन अधिकारी, रिटर्निंग अधिकारी, निर्वाचन आयोग प्रेक्षक को समर्थक दस्तावेजों (बिल बाउचर) समेत दिखाना होगा।
प्रत्याशियों को यह रजिस्टर समर्थक दस्तावेजों समेत तीन दिन में एक बार दिखाना होगा। राजनीतिक पार्टियों के नेताओं के यात्रा व्यय को ही अभ्यर्थी के निर्वाचन व्यय के लेखा में शामिल करने से छूट दी जाएगी। राजनीतिक दलों, अन्य संस्थाओं, व्यक्तियों के समूह या व्यक्तिगत रूप से खर्च प्रत्याशी लेखा में शामिल किए जाएंगे। यह रजिस्टर मानक फार्मेट में रिटर्निंग अधिकारी द्वारा हर प्रत्याशी को उसके नामांकन के तत्काल बाद जारी कर दिए जाएंगे।
सक्रिय होगी वीडियो निगरानी टीम
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के निर्देश पर लोकसभा चुनाव में प्रत्याशियों के खर्च पर नजर रखने के लिए जिले में नई टीमें बनाई गई हैं। टीमें बनाई गई हैं।
डीसी/जिला निर्वाचन अधिकारी सिबिन सी ने बताया कि आयोग के आदेश पर जिले में सहायक व्यय प्रेक्षक, वीडियो निगरानी टीम, वीडियो अवलोकन टीम, लेखा टीम, मीडिया प्रमाणन और अनुवीक्षण समिति, उड़न दस्ता, स्थायी निगरानी समिति, व्यय अनुवीक्षण टीम और व्यय अनुवीक्षण नियंत्रण कक्ष एवं कॉल सेंटर बनाया गया है।
वीडियो निगरानी और उड़नदस्ता टीम अवैध नकदी आदान-प्रदान, शराब वितरण और वोटरों को प्रलोभन देने की घटनाओं का पता कर उन्हें संज्ञान में लेंगी।
पब्लिक भी करे आयोग की मदद
जिला निर्वाचन अधिकारी सिबिन सी ने कहा कि पारदार्शिता से चुनाव करवाने के लिए पब्लिक भी चुनाव आयेाग की मदद करे। उन्होंने कहा कि जहां कहीं भी चुनाव आयोग का उल्लंघन होता दिखता है तो आम पब्लिक कॉल सेंटर नंबर 0186, 2220451 पर शिकायत कर सकता है।