पुलिस पर झूठे मामलों में फंसाने का आरोप लगाकर भूखहड़ताल पर चल रहे सब जेल पठानकोट के विचाराधीन कैदियों ने सिविल अस्पताल में अपनी भूख हड़ताल जारी रखी और ड्रिप लगाने से मना कर दिया। जबरदस्ती कुछ कैदियों को ड्रिप लगाया गया।
फिलहाल उनकी हालत स्थिर है। वहीं उन्होंने इंसाफ नहीं मिलने पर खाना नहीं खाने की घोषणा की है जबकि विकास मंच पठानकोट ने झूठे मामले में फंसाए गए युवकों को इंसाफ दिलाने की मांग की है। उधर, डीएसपी रूरल-2 मनोज कुमार ने सिविल अस्पताल पहुंचकर सारी स्थिति का जायजा लिया।
मालूम हो कि पठानकोट सब जेल में विचाराधीन कैदी भूखहड़ताल पर चल रहे हैं। शनिवार को भूखहड़ताल के चलते आठ विचाराधीन कैदियों की हालत बिगड़ गई थी और उनमें से जम्मू-कश्मीर के काना चक्क के कुलदीप राज, डियाना के विक्रम सिंह, हिमाचल प्रदेश के नूरपुर तहसील के गांव कंडवाल निवासी राजेश पठानिया, पठानकोट के गांव मिर्जापुर कुलियां निवासी कुलदीप, जुगियाल निवासी रोहित शर्मा और कंवाल निवासी वरिंदर को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कैदियों ने जिला पुलिस पर नशा तस्करी के झूठे मामले में फंसाने के आरोप लगाए हैं और मामले की जांच कराकर इंसाफ दिलाने की मांग की। एसएसपी पठानकोट राकेश कौशल ने एसपी (हेडक्वार्टर) को मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
पुलिस अन्याय कर रही : कैदी
रविवार को दूसरे दिन विकास मंच के सदस्य सिविल अस्पताल में भर्ती विचाराधीन कैदियों को खाना देने के लिए पहुंचे, लेकिन उन्होंने खाना खाने से मना कर दिया और भूख हड़ताल पर रहे। कुछ कैदियों को जबरदस्ती ड्रिप लगाया गया ताकि उनकी हालत न बिगड़े। इस मौके पर राजेश पठानिया, कुलदीप, कुलदीप राज, विक्रम सिंह, रोहित शर्मा और वरिंदर सिंह ने कहा कि पुलिस की ओर से उनके साथ अन्याय किया गया है। उन्होंने कहा कि जब तक उनके पर्चे रद्द नहीं किए जाते, तब तक उनकी भूखहड़ताल जारी रहेगी और वे खाना नहीं खाएंगे। उन्होंने कहा कि पुलिस की ज्यादती के खिलाफ उनका संघर्ष जारी है।
दोषी मुलाजिमों पर कार्रवाई हो : विकास मंच
उधर, मंच के चेयरमैन नरेंद्र काला, प्रधान आदेश सयाल, दिनेश मौदगिल ने सारे मामले की जांच कराकर संबंधित पुलिस मुलाजिमों पर कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि संस्था नशा तस्करी का समर्थन नहीं करती है, लेकिन जिन लोगों को पुलिस ने झूठे मामलों में फंसाया है, उन्हें इंसाफ जरूर मिलना चाहिए। दूसरी तरफ सिविल अस्पताल के डॉ. एमएल अत्री ने बताया कि कुछ कैदियों को हल्का बुखार है और उन्हें ड्रिप लगाया गया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।
जिला सत्र न्यायाधीश के आगे रखा मामला
भूखहड़ताल पर चल रहे विचाराधीन कैदियों से मिलने पहुंचे जिला बार एसोसिएशन के सचिव श्रीकांत शर्मा ने कहा कि कैदियों पर एनडीपीएस के झूठे मामले दर्ज करने का मामला जिला सत्र न्यायाधीश के सामने उठाया है। उक्त मामले के बारे में सोमवार को दोबारा से मुलाकात जिला सत्र न्यायाधीश से की जाएगी। उन्होंने कहा कि उक्त मामले को जरूश्रत पड़ने पर हाईकोर्ट में भी ले जाया जाएगा।