पठानकोट। दहेज हत्या के दोषी व्यक्ति को जिला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मोहम्मद गुलजार की अदालत ने दस साल कैद की सजा सुनाई है। दोषी पर एक लाख रुपये जुर्माना अदा करने का आदेश दिया है।
जानकारी के मुताबिक मूलरुप से बिहार के बोतबनिया निवासी तामल निशा पत्नी मोहम्मद सबीर आलम की शादी 26 अप्रैल 2011 को हुई थी। निशा के पिता रेलवे में सुजानपुर में तैनात थे।
सबीर दिल्ली में एक निजी कंपनी में तैनात है। निशा अपने माता-पिता के साथ सुजानपुर की रेलवे कालोनी में रहती थी।
पांच नवंबर 2011 को उसका पति सबीर आलम भी दिल्ली से छुट्टी लेकर सुजानपुर आया था। उसके माता-पिता अपने गांव बोतबनिया गए थे। पीछे से दोनों अकेले घर में थे।
9 नवंबर 2011 को निशा का शव संदिग्ध हालत में फंदे से लटका मिला था। मृतका की मां जनाकी बेगम ने सबीर पर दहेज के लिए उनकी बेटी को तंग करने और उसकी रस्से से गला घोटकर हत्या का आरोप लगाया था।
सुजानपुर पुलिस ने सबीर पर दहेज उत्पीड़न के आरोप में मामला दर्ज किया था।
कोर्ट में दो साल हुई सुनवाई के बाद जिला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मोहम्मद गुलजार की अदालत ने दहेज हत्या के आरोप साबित होने पर सबीर को दस साल कैद और एक लाख रुपये जुर्माना अदा करने का आदेश दिया है।