सिविल अस्पताल में डिस्पेंसरी के बाहर शेड को बड़ा करने के निर्माण कार्य में ठेकेदार की लापरवाही के कारण वहां मौजूद कई लोगों को करेंट लग गया।
उन्हें तुरंत आपातकालीन वार्ड में दाखिल करवाया लेकिन उचित उपचार न मिलने से अस्पताल में अफरा तफरी मच गई। एक युवक ने उन्हें मिट्टी में दबाकर उपचार का प्रयास किया लेकिन वह असफल रहा।
जानकारी के अनुसार नीतू पत्नी तरलोक सिंह निवासी दीनानगर, मलकीत मसीह पुत्र जीत मसीह निवासी भुम्बली और आस कौर समेत कई लोग डिस्पेंसरी से दवा ले रहे थे।
इसी स्थान पर शेड के निर्माण के लिए वेल्डिंग का काम चल रहा था। वेल्डिंग मशीन की तार कई स्थानों से टूटी होने के कारण एक महिला का पैर उससे छू गया और उसे करेंट लग गया।
उसके साथ-साथ कई और लोग भी करेंट की चपेट में आ गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सूचना मिलने पर भी न तो कोई स्वास्थ्य अधिकारी मौके पर पहुंचा और न ही घायलों को उचित उपचार दिया गया।
ये देखकर वेल्डिंग करने वाला भी मौके से फरार हो गया। आपातकालीन वार्ड में तैनात डाक्टर सिमरनजीत कौर का कहना है कि वार्ड में बेड की कमी के कारण उन्हें लेटाया नहीं जा सका लेकिन उपचार में लापरवाही नहीं बरती गई।
गुरदासपुर के सिविल सर्जन डा. रजिंदर सूद का कहना है कि यह हादसा अचानक हुआ। उस समय गुरदासपुर सिविल अस्पताल के एसएमओ डा. सुधीर अदालत गए हुए थे। हादसे की जांच के लिए उन्हें कह दिया गया है।
उन्होंने बताया कि हादसे के तुरंत बाद दो मेडिकल विशेषज्ञों को भी हादसे का शिकार हुए लोगों की देखभाल करने के आदेश दिए थे। सभी की हालत बिल्कुल ठीक थी। उन्होंने कहा कि हादसे के लिए जो भी जिम्मेदार है उसे खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।